यूपी आवास विकास की स्ट्राइक : 15 करोड़ की सरकारी जमीन से माफिया राज खत्म!

Rashtriya Shikhar
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UP Housing Development strike: Mafia rule ends with government land worth Rs 15 crore! IMAGE CREDIT TO आवास विकास

—-भारी विरोध के बीच निर्माण खंड 3 ने गरजते बुलडोजर ढहाया अवैध साम्राज्य

आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने भू माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। परिषद की अजंतापुरम योजना में वर्षों से कुंडली मारकर बैठे अतिक्रमणकारियों को खदेड़ते हुए निर्माण खंड 3 की टीम ने लगभग 15 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन को फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है।

विरोध के बावजूद नहीं थमे परिषद के कदम

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कार्रवाई के दौरान टीम को भारी जन विरोध और हंगामे का सामना करना पड़ा, लेकिन परिषद के अधिकारियों और प्रवर्तन दल के बुलंद हौसलों के आगे अवैध कब्जाधारियों की एक न चली। 1100 वर्ग मीटर के इस विशाल भूखंड पर अवैध रूप से झुग्गी झोपड़ियां और पटरी दुकानें बनाकर सरकारी संपत्ति का दोहन किया जा रहा था।

बेशकीमती जमीन : मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार लागत लगभग 15 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विधिक स्पष्टता : इस भूमि का अवार्ड वर्षों पहले ही परिषद के पक्ष में हो चुका था, जिसे अब धरातल पर सुरक्षित कर लिया गया है।
सराहनीय नेतृत्व : निर्माण खंड 3 की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की विभाग में चारों ओर प्रशंसा हो रही है।

परिषद की बड़ी जीत : मुख्य बिंदु

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यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक सख्त संदेश है जो सरकारी भूमि को निजी संपत्ति समझने की भूल कर रहे हैं। आवास विकास परिषद अपनी एक-एक इंच जमीन को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस सफल अभियान के बाद अब परिषद इस भूमि पर विकास कार्यों को गति देने की तैयारी कर रहा है। अवैध कब्जे हटने से न केवल सरकारी संपत्ति सुरक्षित हुई है, बल्कि अजंतापुरम योजना के सुव्यवस्थित विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।

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