गढ़मुक्तेश्वर (शिखर समाचार)
संयुक्त किसान मोर्चा हापुड़ की ओर से सिंभावली स्थित विनायक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में आईआरपी और सिंभावली शुगर मिल के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए। मोर्चा के संयोजक कैप्टन इरकान चौधरी ने कहा कि 31 दिसंबर को आयोजित किसान पंचायत में स्पष्ट मांग रखी गई थी कि किसानों की आईआरपी से सीधी वार्ता कराई जाए, लेकिन अब तक न तो डिप्टी सीसी और न ही मिल प्रबंधन ने इस पर कोई कदम उठाया। पंचायत में तय की गई दस दिन की समय-सीमा भी समाप्त हो चुकी है, जबकि आईआरपी मिल का दौरा कर लौट चुके हैं।
सुधीर चौधरी का गन्ना विवाद पर चेतावनी: शुगर मिलों को समय पर भुगतान न करने पर किसानों को ब्याज देना होगा
सह संयोजक सुधीर चौधरी ने गन्ना कंट्रोल ऑर्डर का हवाला देते हुए कहा कि जो शुगर मिल 15 दिन के भीतर गन्ना भुगतान नहीं करती, वह किसानों को ब्याज देने की बाध्य होती है। साथ ही ऐसी मिल को गन्ना खरीद केंद्र से किसी भी प्रकार का किराया वसूलने का अधिकार नहीं है, इसके बावजूद किसानों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
संयोजक अमित त्यागी ने आरोप लगाया कि आईआरपी अनुराग गोयल और सिंभावली शुगर मिल का समूह प्रबंधन किसानों के हितों की अनदेखी कर रहा है। उनका कहना था कि मिल प्रबंधन का ध्यान उत्पादन और भुगतान के बजाय मिल की संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने की ओर अधिक है। मोर्चा के नारे बजेगा ढोल, खुलेगी पोल के तहत कथित भ्रष्टाचार के कई बिंदु सार्वजनिक किए गए।
किसान मोर्चा का आरोप: शुगर मिलों के पास पर्याप्त पैसा होने के बावजूद किसानों के बकाये का भुगतान नहीं हुआ
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/special-intensive-review-program-meeting/
संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार, सिंभावली शुगर मिल की 27 सितंबर 2025 की बैलेंस शीट में लगभग 115 करोड़ रुपये की जमा धनराशि दर्शाई गई है, जिसमें 22 करोड़ और 63 करोड़ रुपये की एफडी शामिल है। मोर्चा का दावा है कि यदि आईआरपी चाहता तो करीब 9 करोड़ रुपये के चिलवरिया, बहराइच के बकाया का भुगतान कर मिल को चालू कराया जा सकता था। इसके अलावा हापुड़ की दोनों मिलों के किसानों के कुल 106 करोड़ रुपये के भुगतान में से भी पुराने बकाये का निपटारा संभव था, लेकिन किसान हित में कोई ठोस पहल नहीं की गई।
किसान नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि मिल के पास भुगतान के लिए धन नहीं है तो फिर अधिकारियों को 50 से 90 लाख रुपये तक के भारी भरकम पैकेज किस आधार पर दिए जा रहे हैं। प्रेस वार्ता के अंत में संयुक्त किसान मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर शीघ्र संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की गई, तो पीएनबी बैंक की मुख्य शाखा पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
