नए कानून के तहत मेरठ परिक्षेत्र में 71 मामलों में सुनाई गई सजा, 77 अभियुक्तों को मिला दंड

Rashtriya Shikhar
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Under the new law, 71 cases in the Meerut region result in convictions; 77 accused receive punishment IMAGE CREDIT TO POLICE

मेरठ (शिखर समाचार) भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू होने के बाद मेरठ परिक्षेत्र की पुलिस ने प्रभावी कार्यवाही करते हुए नए कानून के अंतर्गत दर्ज मामलों में उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। पुलिस की सक्रिय पैरवी के चलते न्यायालयों ने वर्ष 2025 में अब तक 71 प्रकरणों में 77 अभियुक्तों को कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह उपलब्धि कानून व्यवस्था के क्षेत्र में परिक्षेत्र पुलिस की सख्त और संवेदनशील कार्यशैली का परिचायक मानी जा रही है।

नए कानूनों का असर: मेरठ परिक्षेत्र में समयबद्ध विवेचना और प्रभावी पैरवी से बढ़ी सजा दर, पीड़ितों को मिला त्वरित न्याय

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पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि 01 जुलाई 2024 से लागू हुए तीन नए कानूनों के बाद से परिक्षेत्र के सभी जनपदों में दर्ज प्रकरणों की विवेचना समयबद्ध ढंग से पूरी की गई और न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। इसका परिणाम यह रहा कि न्यायालयों ने बड़ी संख्या में अभियुक्तों को सजा सुनाई, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय प्राप्त हुआ है।

जनपदवार स्थिति में मेरठ जनपद इस उपलब्धि में सबसे आगे रहा। यहां कुल 58 मामलों में 64 अभियुक्तों को सजा दी गई। इनमें 53 प्रकरण चोरी के थे, जबकि 5 प्रकरण छेड़छाड़, सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने और सड़क दुर्घटना से संबंधित रहे। सभी में अदालतों ने कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई। बुलंदशहर में कुल 3 मामलों में 3 अभियुक्तों को सजा मिली, जिनमें एक हत्या और दो चोरी के मामले शामिल थे। बागपत में भी 3 प्रकरणों में 3 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई, जो सभी चोरी के मामलों से जुड़े थे। वहीं हापुड़ जनपद में 7 प्रकरणों में 7 अभियुक्तों को सजा दी गई। इनमें सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने के 3, धार्मिक स्थल पर मूर्तियां खंडित करने के 2, पटाखों का अवैध भंडारण करने के 1 और चोरी के 1 मामले में अदालत ने कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।

अपराध पर सख्त वार: हत्या और छेड़छाड़ के दोषियों को अदालत से उम्रकैद और 20 साल की सजा

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महत्त्वपूर्ण मामलों में कठोर सजा
थाना खुर्जानगर, बुलंदशहर के हत्यारोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। वहीं थाना हस्तिनापुर, मेरठ क्षेत्र के एक मामले में नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को 20 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी गई।

डीआईजी ने बताया कि परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि नए कानूनों के अंतर्गत दर्ज अभियोगों में न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि अधिक से अधिक मामलों में दोषसिद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि इससे न केवल अपराधियों में कानून का भय स्थापित होगा, बल्कि पीड़ित पक्षों को त्वरित न्याय भी प्राप्त होगा। मेरठ परिक्षेत्र पुलिस का यह प्रदर्शन नए कानूनों के क्रियान्वयन की दिशा में एक सशक्त उदाहरण माना जा रहा है। इससे पुलिस और न्याय व्यवस्था दोनों की विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है, साथ ही आम जनता में यह संदेश गया है कि नए कानूनों के अंतर्गत अपराध करने वालों को अब किसी भी दशा में राहत नहीं मिलेगी।

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