लोहड़ी और मकर संक्रान्ति को लेकर मेरठ परिक्षेत्र में कड़ा पुलिस का कड़ा पहरा, 23 राजपत्रित अधिकारी व 1059 पुलिसकर्मी तैनात

Rashtriya Shikhar
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Tight police guard, 23 gazetted officers and 1059 policemen deployed in Meerut region regarding Lohri and Makar Sankranti IMAGE CREDIT TO POLICE

मेरठ (शिखर समाचार) लोहड़ी और मकर संक्रान्ति के पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से मेरठ परिक्षेत्र में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। परिक्षेत्र के सभी जनपदों में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि पर्वों के दौरान धार्मिक स्थलों, स्नान घाटों, मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

लोहड़ी और मकर संक्रान्ति पर सुरक्षा-व्यवस्था कसी, हजारों जवान तैनात

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लोहड़ी के अवसर पर गुरुद्वारों में कीर्तन, पाठ, प्रभात फेरी और शोभायात्राओं का आयोजन होता है, वहीं मकर संक्रान्ति पर नदियों व घाटों पर स्नान, खिचड़ी तथा प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन सभी आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए परिक्षेत्र में कुल 5 अपर पुलिस अधीक्षक, 18 क्षेत्राधिकारी, 57 निरीक्षक, 232 उप निरीक्षक, 225 मुख्य आरक्षी, 322 आरक्षी तथा 223 होमगार्ड और प्रांतीय रक्षक दल के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।

मेरठ परिक्षेत्र में कुल 117 गुरुद्वारे हैं, जिनमें से 54 गुरुद्वारों में विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त 62 अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जा रहे हैं। मकर संक्रान्ति के अवसर पर 26 स्नान घाटों और मेला स्थलों को चिन्हित किया गया है, जहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही 22 स्थानों पर कीर्तन, प्रसाद और खिचड़ी वितरण के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस ने आयोजित की 88 समन्वय बैठकें

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पुलिस प्रशासन द्वारा शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए जनपद स्तर पर 88 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें शांति समितियों, धार्मिक गुरुओं, समाज के गणमान्य व्यक्तियों, आयोजकों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

डीआईजी स्तर से सभी जनपद प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए, प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सघन जांच अभियान चलाया जाए और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

पर्वों में कड़ी सुरक्षा, महिला सुरक्षा और जल प्रहरी तैनात

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स्नान घाटों पर जल पुलिस, गोताखोरों और आपदा प्रतिक्रिया दल की तैनाती के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सादे वस्त्रों में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। यातायात नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था, दंगा नियंत्रण उपकरणों की उपलब्धता और पैदल मार्च जैसे उपायों के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्वों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे पर्वों को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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