ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) योजना की बारीकी से समीक्षा की। सेक्टर कप्पा-2 में लगभग 174 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जाने वाली इस योजना को लेकर तीन दिग्गज कंपनियों सुपर हैंडलर्स प्राइवेट लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड और इंपेजर लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने-अपने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति द्वारा लिया जाएगा
23 मई को प्रारंभ हुई इस स्कीम में आवेदन की अंतिम तिथि 23 जून निर्धारित की गई थी। अब समीक्षा के दौर में इन कंपनियों की कार्ययोजना और निवेश मॉडल को लेकर अंतिम निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति द्वारा लिया जाएगा। समीक्षा बैठक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में संपन्न हुई, जिसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरणों के शीर्ष अधिकारियों सहित जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
प्राधिकरण के अनुसार इस लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण से लगभग 1200 करोड़ रुपये का
ALSO READ: https://rashtriyashikhar.com/supreme-courts-big-order-voter-list-in-bihar/
प्राधिकरण के अनुसार इस लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण से लगभग 1200 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है और इससे 5000 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की मालवहन क्षमता और आपूर्ति शृंखला में भारी सुधार की उम्मीद की जा रही है, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रेटर नोएडा की लॉजिस्टिक स्थिति और सुदृढ़ होगी।
योजना विभाग की जीएम लीनू सहगल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/dav-school-celebrate-guru-purnima-festival/
प्रस्तुतिकरण के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम., यीडा के सीईओ आरके सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिंह, श्रीलक्ष्मी वीएस, प्रेरणा सिंह, सुमित यादव, यीडा के ओएसडी शैलेन्द्र कुमार भाटिया, जीएम वित्त विनोद कुमार, तथा योजना विभाग की जीएम लीनू सहगल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। प्राधिकरण का मानना है कि यह लॉजिस्टिक पार्क सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक बदलाव की मजबूत आधारशिला बनेगा।
