हापुड़ (शिखर समाचार)
नगर के जवाहगंज क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस कथा पंडाल भक्ति और भावनाओं से सराबोर रहा। कथा व्यास डॉ. शैल बिहारी दास ने महाभारत उपरांत माता कुंती और भगवान श्रीकृष्ण के संवाद का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए भक्ति का गूढ़ रहस्य समझाया। उन्होंने बताया कि युद्ध की विभीषिका समाप्त होने के बाद भगवान श्रीकृष्ण अपने स्नेहीजनों से विदा लेने पहुंचे और सभी को उपहार प्रदान किए। अंत में जब वे पांडवों की माता कुंती के पास पहुंचे तो उनसे भी कुछ मांगने का आग्रह किया।
कुंती माता का अद्भुत दृष्टिकोण: सुख नहीं, दुःख में ही बनता है प्रभु का स्मरण
कथा व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण के आग्रह पर माता कुंती की आंखें नम हो गईं और उन्होंने प्रभु से सुख नहीं, बल्कि दुःख की कामना की। यह सुनकर स्वयं भगवान भी आश्चर्यचकित रह गए। जब श्रीकृष्ण ने दुःख मांगने का कारण पूछा तो कुंती ने कहा कि जीवन में दुःख रहने पर ही प्रभु का निरंतर स्मरण बना रहता है। सुख के क्षणों में मनुष्य प्रभु को भूल जाता है, जबकि दुःख में वही स्मरण, पूजा और प्रार्थना का माध्यम बनते हैं।
डॉ. शैल बिहारी दास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को उसके कर्तव्यों का बोध कराती है। जीवन और मृत्यु की निश्चितता जानते हुए भी मानव उसे स्वीकार नहीं करता, यही सबसे बड़ी विडंबना है। जो व्यक्ति निस्काम भाव से प्रभु का स्मरण करता है, वह अपने जन्म और मरण दोनों को सार्थक बना लेता है।
भागवत का संदेश: माया में न फंसें, निस्काम कर्म में ही है सच्ची भक्ति
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कथा में यह भी बताया गया कि प्रभु जब अवतार लेते हैं तो माया उनके साथ आती है, किंतु साधारण मनुष्य माया को ही सत्य मान बैठता है और नश्वर शरीर को सर्वस्व समझ लेता है। भागवत का संदेश है कि कर्म निस्काम हों, क्योंकि वही सच्ची भक्ति का मार्ग है।
कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण जीव को मुक्ति की ओर ले जाता है। जो व्यक्ति पापकर्म, दुराचार, क्रोध, कपट और अहंकार में लिप्त रहता है, माता-पिता की सेवा से विमुख रहता है, वह भी कलियुग में भागवत कथा सुनकर पवित्र हो सकता है। इस अवसर पर गौशाला के प्रधान सुरेश ठेकेदार, अंकित गुप्ता, डॉ. राकेश अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, मनोज कर्णवाल, विकास गोयल, डॉ. सुमन अग्रवाल, यर्थाथ अग्रवाल, भावना अग्रवाल, चन्द्र प्रकाश ठठेरे, पूनम कर्णवाल, शान्तुन सिंघल, राहुल सिंघल, संजीव रस्तोगी, बिट्टू वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
