ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) 24 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित तृतीय उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड फेयर-2025 में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग का स्टॉल आगंतुकों का ध्यान खींचने वाला प्रमुख केंद्र बना। विभाग और टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से स्थापित इस स्टॉल में सीएनसी मशीनिंग, रोबोटिक्स, ड्रोन और 3D मोल्डिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिससे आगंतुकों को आधुनिक तकनीकी प्रगति और भविष्य की दिशा का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ।
विशिष्ट विभागीय प्रस्तुति: नवाचार और समन्वय से सजी, जोड़े जनमानस को उत्साह से
सैकड़ों स्टालों के बीच यह विभागीय प्रस्तुति अपनी विशिष्टता, आकर्षक डिज़ाइन और उच्च स्तरीय समन्वय के कारण विशेष रूप से उभरी। छात्रों, उद्योग प्रतिनिधियों और आम जनता की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस पहल को और भी प्रभावशाली बनाया।
इस अवसर पर विभागीय मंत्री कपिल देव अग्रवाल, प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, निदेशक अभिषेक सिंह, निदेशक कौशल विकास मिशन पुलकित खरे, अतिरिक्त मिशन निदेशक प्रिया सिंह, अतिरिक्त निदेशक मानपाल सिंह, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, सहायक निदेशक एम.के. सिंह और टी.टी.एल. ग्रुप के ग्लोबल हेड सुशील कुमार ने स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने विभाग की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया।
मनोज सिंह के नेतृत्व में लखनऊ टीम और आईटीआई प्रमुखों की समर्पित टीम ने दिया आयोजन को सफलता का नया आयाम
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आयोजन के सफल क्रियान्वयन में मेरठ मंडल के संयुक्त निदेशक मनोज सिंह के कुशल नेतृत्व के साथ लखनऊ से भेजी गई टीम का योगदान उल्लेखनीय रहा। अतिरिक्त निदेशक राजेन्द्र प्रसाद, उप निदेशक राजपाल, सहायक निदेशक शिवम सेन, अनुदेशक अंकित वर्मा, टी.टी.एल. समूह के रजनीकांत और वरूण गुप्ता ने रचनात्मक समर्थन प्रदान किया। इसके साथ ही, राजकीय आईटीआई नोएडा के प्रधानाचार्य यज्ञदेव सिंह, राजकीय आईटीआई बादलपुर के प्रधानाचार्य गौरव कुमार, राजकीय आईटीआई दादरी के प्रधानाचार्य शिवांशु और राजकीय आईटीआई जेवर के प्रधानाचार्य राजकुमार सहित समस्त स्टाफ की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को सफलता की ऊँचाईयों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
यह संयुक्त प्रयास विभाग की कार्यकुशलता, उत्कृष्ट समन्वय और टीम भावना का स्पष्ट उदाहरण है। इस पहल ने न केवल व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की सशक्त छवि को और मजबूती प्रदान की, बल्कि युवाओं में नवाचार और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया। स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शित अत्याधुनिक तकनीकों ने युवा आगंतुकों के बीच कौशल और उद्यमशीलता के प्रति जागरूकता बढ़ाई। विभाग ने यह संदेश देने में सफलता पाई कि आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा से नई पीढ़ी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाया जा सकता है।
