हापुड़ (शिखर समाचार)। थाना सिम्भावली क्षेत्र के एक कंपोजिट विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका ने गांव के एक ग्रामीण पर सरकारी दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर फर्जी नामांकन की शिकायत जिलाधिकारी से करने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। मामले को लेकर शिक्षा विभाग में भी जांच शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार सिम्भावली क्षेत्र के गांव न्याजपुर खैय्या स्थित कंपोजिट विद्यालय में फर्जी नामांकन का आरोप लगाते हुए गांव निवासी रतनवीर सिंह ने जिलाधिकारी व ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि वर्ष 2019 में उनके पुत्र का फर्जी प्रवेश दिखाया गया और वर्ष 2020 में उसका नाम काट दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके केवल दो बच्चे हैं, जबकि विद्यालय अभिलेखों में तीसरे बच्चे का नाम दर्ज दर्शाया गया है।
प्रधानाध्यापिका ने आरोपों को निराधार बताया
इंचार्ज प्रधानाध्यापिका ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2025 में विद्यालय का कार्यभार संभाला था, जबकि शिकायत वर्ष 2019 और 2020 की घटनाओं से संबंधित है। शिकायतकर्ता द्वारा संलग्न नामांकन रजिस्टर की फोटोकॉपी को उन्होंने फर्जी बताया और कहा कि उस प्रकार का कोई रजिस्टर विद्यालय में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय नियमों के अनुसार नामांकन रजिस्टर पर न तो अभिभावकों और न ही इंचार्ज के हस्ताक्षर होते हैं।
मिलीभगत और दबाव के आरोप
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प्रधानाध्यापिका ने आरोप लगाया कि एक शिक्षक के साथ मिलीभगत कर झूठी शिकायतें की जा रही हैं। उनका कहना है कि विद्यालय का मूल नामांकन रजिस्टर सुरक्षित है और उसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है। उन्होंने संबंधित ग्रामीण पर अभद्र व्यवहार करने और दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। उधर खंड शिक्षा अधिकारी योगेश गुप्ता ने बताया कि मामले में प्रधानाध्यापिका को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद जांच कर दोषी पाए जाने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तरों पर जांच जारी है।
