गौतमबुद्धनगर (शिखर समाचार)। थाना कासना क्षेत्र में वर्ष 2021 में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म, पोक्सो एवं एससी-एसटी एक्ट से संबंधित मामले में न्यायालय ने आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया है।
बागपत में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला: आरोप पत्र दाखिल, जांच में मिले ठोस सबूत
मामले के अनुसार, ओमबीर जाटव निवासी बागपत ने 28 सितंबर 2021 को थाना कासना पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी का अपहरण कर कुणाल उर्फ भूपेंद्र एवं भगत उर्फ कालू ने नशीला पदार्थ सुंघाकर उसके साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
यह मामला पोक्सो कोर्ट संख्या-2 में विचाराधीन था। न्यायालय ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 328, 365, 376-डी, 504, 506 आईपीसी, धारा 3(2)(5) एससी-एसटी एक्ट एवं 5/6 पोक्सो एक्ट 2012 के तहत आरोप तय किए थे।
गवाहों ने दी पुष्टि: अभियोजन पक्ष के सभी दावे खड़े, मामले में सबूत पुख्ता
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अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में परिवादी ओमबीर जाटव, पीड़िता कुमारी आंसू, शिक्षा, कांस्टेबल वर्षा यादव, डॉक्टर रिचा कालरा, डॉक्टर कुसुमलता सागर तथा विवेचक डिप्टी एसपी बृजनंदन राय को प्रस्तुत किया गया। सभी गवाहों ने अभियोजन पक्ष का समर्थन किया।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से भूपेंद्र उर्फ कालू को एकमात्र गवाह के रूप में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चमनपाल भाटी और बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामशरण नागर, देवदत्त सिंह एवं सीमा चौहान ने अपने-अपने पक्ष में तर्क प्रस्तुत किए। न्यायालय के पीठासीन अधिकारी विजय कुमार हिमांशु ने दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद निर्णय सुनाया। साक्ष्यों के अभाव में न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों भूपेंद्र उर्फ कुणाल एवं भगत उर्फ कालू निवासी ग्राम नियंत सलेमपुर को दोषमुक्त घोषित कर दिया।
