ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किए जाने संबंधी लोकसभा में दिए गए वक्तव्य को लेकर प्राथमिक शिक्षकों में रोष देखने को मिला। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, गौतम बुद्ध नगर के नेतृत्व में शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी के विरोध में पुतला दहन कर अपनी नाराजगी प्रकट की। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि सेवा में कार्यरत शिक्षकों पर नई अनिवार्यताएं थोपना न्यायसंगत नहीं है।
शिक्षकों के मनोबल पर सवाल: मंडल और जिला नेतृत्व ने दोबारा पात्रता परीक्षा की शर्त पर जताई चिंता
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सभा को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष मेघराज भाटी ने कहा कि वर्तमान में कार्य कर रहे शिक्षक निर्धारित योग्यता के आधार पर चयनित हुए हैं और वर्षों से विद्यार्थियों को स्तरीय शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के बाद दोबारा पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त लगाना न तो व्यावहारिक है और न ही शिक्षक हित में। इससे शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होगा।
जिला अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षक संगठन लगातार विभिन्न मंचों पर अपनी बात प्रशासन और शासन तक पहुंचाता रहा है। पहले आश्वासन दिया गया था कि किसी भी शिक्षक के हितों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन इसके विपरीत बयान सामने आना चिंता पैदा करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्तव्यों से शिक्षकों के बीच असमंजस और असुरक्षा का वातावरण बनता है।
शिक्षक समाज में आक्रोश: सेवा अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं, आंदोलन की रूपरेखा तय
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जिला मंत्री गजन भाटी ने बताया कि एक सितंबर 2025 को जारी निर्णय के बाद इस विषय में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर प्रधानमंत्री तक स्थिति से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिले भरोसे के बावजूद यदि इस प्रकार के बयान दिए जाते हैं तो स्वाभाविक रूप से शिक्षक समाज में आक्रोश उत्पन्न होगा।
संगठन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार आगे आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। कार्यक्रम में जिला और विकासखंड कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक तथा बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि उनके सेवा अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
