बिजनौर (शिखर समाचार)। जनपद के चर्चित तालिब खालिद प्रकरण ने बुधवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब प्रशासन द्वारा सील की गई आरा मशीन को अवैध रूप से संचालित किए जाने की सूचना पर मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक और कारोबारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और तालिब व खालिद बंधुओं ने आवेश में आकर पूर्व विधायक के वाहन के आगे कूदकर जान देने का प्रयास किया। इस घटना से क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक कुंवर भारतेंद्र सिंह ने
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक कुंवर भारतेंद्र सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी थी कि तालिब खालिद की आरा मशीन, जिसे पहले ही सील किया जा चुका है, चोरी छिपे चलाई जा रही है। सूचना पर वन प्रभाग अधिकारी जय सिंह कुशवाहा और अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। पूर्व विधायक भी अपने समर्थकों के साथ वहां उपस्थित रहे।
अधिकारियों की मौजूदगी में
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/
अधिकारियों की मौजूदगी में जैसे ही जांच शुरू हुई, तालिब और खालिद बंधु भड़क उठे। उन्होंने पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे पांच करोड़ रुपये की मांग की जा रही है और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोपों और तनाव के बीच दोनों भाइयों ने अचानक पूर्व विधायक के वाहन के सामने कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस घटनाक्रम के बाद जनपद की राजनीति भी गर्मा गई है
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/master-plan-2031-brings-growth-and-investment/
इस घटनाक्रम के बाद जनपद की राजनीति भी गर्मा गई है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने इस प्रकरण में हस्तक्षेप करते हुए पूर्व विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इसे एकतरफा उत्पीड़न करार दिया है।
उल्लेखनीय है कि यह विवाद प्रारंभ में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रॉबिन चौधरी के साथ वाहन खड़ा करने को लेकर शुरू हुआ था, जो बाद में तूल पकड़ते हुए सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग ले बैठा।
दूसरी ओर पूर्व विधायक कुंवर भारतेंद्र सिंह का कहना है कि वे केवल अवैध रूप से संचालित हो रही मशीन की सूचना पर अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे थे, जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन पर हमला करने का प्रयास हुआ। वहीं पुलिस अधिकारियों के अनुसार तालिब और खालिद सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
