हमीरपुर (शिखर समाचार) अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाली मौदहा पुलिस ने मात्र दो दिनों में उस दिल दहला देने वाली हत्या कांड की गुत्थी सुलझा दी, जिसने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था। सड़क किनारे नग्न अवस्था में मिली युवती की हत्या का मामला जब खुला तो सामने आया कि कातिल कोई और नहीं, बल्कि वर्दी में छिपा दरोगा था।
मौदहा में सनसनी: सड़क किनारे मिली युवती की मौत, सीसीटीवी ने खोला बड़ा रहस्य
13 नवंबर की सुबह मौदहा कोतवाली क्षेत्र में सड़क किनारे एक युवती का नग्न शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। पोस्टमार्टम और प्रारंभिक जांच के बाद जब मृतका की पहचान मकरबाई निवासी कीर्ति के रूप में हुई, तो पुलिस ने जांच की दिशा बदलते हुए हत्या को कहीं और करके शव को यहां फेंके जाने की आशंका पर फोकस किया। घटनास्थल के आसपास की घनी छानबीन में लगा सीसीटीवी कैमरा मामले की बड़ी कड़ी साबित हुआ।
जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पता चला कि महोबा जिले में तैनात दरोगा अंकित यादव वही अधिकारी है, जिसे कीर्ति द्वारा दर्ज कराए गए दहेज उत्पीड़न के मामले की जांच सौंपी गई थी। इसी जांच के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता धीरे-धीरे प्रेम प्रसंग में बदल गया। लेकिन हाल के दिनों में दोनों के बीच विवाद गहरा गया था और यहीं से अंकित यादव ने युवती को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

पुलिस के अनुसार वारदात वाले दिन आरोपी दरोगा ने पहले विवाद के दौरान युवती के सिर पर लोहे की रॉड से प्रहार कर उसकी हत्या की। इसके बाद अपने प्राइवेट वाहन से शव को उठाकर रमना गांव के पास सड़क किनारे नग्न अवस्था में फेंक कर फरार हो गया। घटनास्थल के पास लगे कैमरे और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दिशा तय की और मात्र 48 घंटे में ही आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और प्राइवेट कार भी बरामद कर ली है। एसपी ने बताया कि आरोपी दरोगा के विरुद्ध हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। एक खाकीधारी द्वारा प्रेम प्रसंग के चलते रचा गया यह जघन्य अपराध पुलिस विभाग के लिए गंभीर चुनौती बनकर आया, लेकिन मौदहा पुलिस की तत्परता ने न केवल ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद भी दी है।
