मेरठ रेंज में अपराधों की कड़ी समीक्षा और त्योहारी सीजन की तैयारियों पर जोर

Rashtriya Shikhar
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Strict review of crimes in Meerut Range and emphasis on preparations for the festive season IMAGE CREDIT TO POLICE

मेरठ (शिखर समाचार) पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी की अगुवाई में गुरुवार को रेंज कार्यालय पर एक उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया और कानून-व्यवस्था से लेकर आगामी गढ़ मेला व त्योहारों की सुरक्षा योजनाओं पर गहन मंथन किया।

त्योहारी सीजन और गढ़ मेला: सुरक्षा की डोर कसी

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बैठक का एक बड़ा फोकस आने वाले त्योहारी सीजन और कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले विशाल गढ़ मेले की तैयारियों पर रहा। नैथानी ने निर्देश दिए कि मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए सभी जनपदों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मेला क्षेत्र में सुपर जोन, जोन और सेक्टर बनाए जाएं, यातायात डायवर्जन प्लान और पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाए। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर चिकित्सा और एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

करवा चौथ और धनतेरस जैसे त्योहारों पर सोने-चांदी की दुकानों वाले बाजारों में विशेष सुरक्षा इंतजाम करने पर जोर दिया गया। बाजारों में भीड़ बढ़ने पर यातायात व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और पुलिस गश्त बढ़ाने के आदेश जारी किए गए।

अपराध पर अंकुश के लिए कड़े कदम

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बैठक में पिछले दिनों हुए अपराधों की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश दिए गए। लूट और डकैती के बाकी मामलों में त्वरित गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित करने, स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने और गंभीर अपराधों में शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण जांच पूरी करने का लक्ष्य रखा गया।

पॉक्सो एक्ट के मामलों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी, हत्या के मामलों में वांछित अपराधियों के खिलाफ इनाम की घोषणा और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई तेज करने पर सहमति बनी। साथ ही, विवेचना में सिक्योर आइडेंटिटी डॉक्युमेंट (SID) के अधिकतम इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया।

साइबर अपराधों पर नकेल कसने के आदेश

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फर्जी कॉल और साइबर धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई का फैसला किया गया। एनसीआरपी के जरिए मिलने वाले संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आईमईआई को ब्लॉक कराने, नकली कॉल सेंटरों को बंद करने और बिना सत्यापन के सिम कार्ड बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। महिला सुरक्षा और विशेष अभियान

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को गंभीरता से लेते हुए मिशन शक्ति केंद्रों पर काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। ऐसे अपराधियों के खिलाफ गुंडा और गैंगस्टर एक्ट जैसे कड़े कानून लागू करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, ऑपरेशन शस्त्र और ऑपरेशन कन्विक्शन जैसे अभियानों को प्रभावी ढंग से चलाकर अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सतर्क नजर रखने और आपत्तिजनक सामग्री मिलते ही तुरंत उसका खंडन करने के निर्देश दिए गए।

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