गाजियाबाद (शिखर समाचार) गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल की सख्ती अब धीरे-धीरे असर दिखाने लगी है। निजी विकासकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी श्रेणी के भवन निर्माण में हो रही देरी को देखते हुए प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके परिणामस्वरूप आमजन के लिए एक महत्वपूर्ण और लाभकारी अवसर सामने आया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1,493 भवनों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, पात्र आवेदकों के लिए किफायती घरों की राह आसान
इस पहल के तहत निजी विकासकर्ता मैसर्स एसजीएस कन्स्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की परियोजनाओं एसजीएस सिटी-1 एवं सिटी-2 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्माणाधीन कुल 1493 भवनों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू कर दी गई है। लंबे समय से किफायती आवास की प्रतीक्षा कर रहे पात्र आवेदक अब सीधे लाभ उठा सकेंगे।
उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि वर्तमान में प्रत्येक ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट का अंतिम मूल्य ₹4.98 लाख निर्धारित किया गया है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से ₹1.50 लाख तथा राज्य सरकार की ओर से ₹1.00 लाख की आर्थिक सहायता शामिल है। इस प्रकार कुल ₹2.50 लाख की अनुदान राशि घटने के बाद आवेदक को केवल ₹1.98 लाख ही वहन करना होगा, जिससे यह योजना आमजन के लिए बेहद किफायती बन जाती है। हालांकि परियोजना की वास्तविक लागत के आधार पर इसमें नियमानुसार आंशिक कमी या वृद्धि संभव है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन की अवधि 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक इस समयावधि में आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित पूरी जानकारी, पात्रता शर्तें, आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य दिशा-निर्देश गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि अन्य निजी विकासकर्ताओं को भी ईडब्ल्यूएस/एलआईजी श्रेणी के भवन निर्माण एवं समयबद्ध आवंटन के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस पूरे प्रकरण की प्रभावी निगरानी के लिए प्राधिकरण सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से निजी विकासकर्ताओं के कार्यों की समीक्षा कर रही है। उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने दोहराया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी, समयबद्ध और किफायती आवास उपलब्ध कराना है, ताकि सबके लिए आवास का संकल्प वास्तविक रूप में धरातल पर उतरे।
