ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) शहर को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण के एसीईओ लक्ष्मी वीएस के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और प्राधिकरण से संबद्ध संस्था फीडबैक फाउंडेशन ने बोर्ड रूम में बल्क वेस्ट जनरेटरों (बीडब्ल्यूजी) की विशेष कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला का उद्देश्य उन उद्यमियों को चेतावनी देना था, जो कूड़े के वैज्ञानिक प्रबंधन में लापरवाही बरत रहे हैं।
स्वच्छता नियमों की अवहेलना पर स्वास्थ्य विभाग का सख्त रुख—लापरवाही पर अब होगी पेनल्टी और कानूनी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्पष्ट कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 के तहत हर बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने परिसर में कूड़े का पृथक्करण और प्रबंधन अनिवार्य रूप से करना होता है। कई उद्यमों द्वारा नियमों का सही पालन न करने को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सख्त चेतावनी दी कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही पर पेनल्टी के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फीडबैक फाउंडेशन की टीम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 और अपडेटेड रूल 2024 पर प्रस्तुति दी। उद्योगों को बताया गया कि कूड़े का स्रोत पर ही सेग्रिगेशन अनिवार्य है। कचरे को सुरक्षित स्थान पर संग्रहित करना होगा। गीले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करना होगा। अधिकृत एजेंसियों को केवल सेग्रिगेटेड कचरा ही सौंपना होगा। यूजर चार्ज समय से जमा करना होगा और कूड़ा प्रबंधन की नियमित रिपोर्ट प्राधिकरण को उपलब्ध करानी होगी
शहर को कचरा मुक्त बनाने में उद्योगों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण—स्वास्थ्य विभाग ने सभी संस्थानों को दी पर्यावरण संरक्षण की चेतावनी
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बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि शहर को कचरा मुक्त बनाने में उद्योगों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सभी संस्थानों को अपने स्तर पर कूड़े के उचित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी।
कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर सामूहिक शपथ ली। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सहायक प्रबंधक गौरव बघेल फीडबैक फाउंडेशन के प्रतिनिधि, इंडस्ट्री बिजनेस एसोसिएट के अध्यक्ष अमित उपाध्याय, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल और विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
