गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
गाजियाबाद में लगातार गिरती वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने निर्णायक कदम उठाते हुए GRAP-3, NGT दिशानिर्देश, CPCB/DPCC मानकों और C&D Waste Management Rules, 2016 के तहत कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुँचने के साथ ही GRAP-3 के प्रावधानों के अनुसार सभी तरह की निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। धूल नियंत्रण उपायों—जैसे पानी का नियमित छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन संचालन, साइट पर ग्रीन नेट, निर्माण सामग्री को ढककर रखना, पक्की बाड़ाबंदी और मैकेनिकल स्वीपिंग—को अब अनिवार्य कर दिया गया है।
नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई—राजनगर एक्सटेंशन की कई साइटों पर 5 लाख रुपये का जुर्माना
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/dig-naithani-reviewed-mission-shakti/
इन्हीं नियमों के उल्लंघन पर राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र की कई निजी बिल्डर साइटों को 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कई स्थानों पर एंटी-स्मॉग गन बंद पाई गईं, निर्माण सामग्री खुले में रखी मिली और धूल रोकथाम व्यवस्था अधूरी पाई गई। प्राधिकरण ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी निर्माण स्थल पर दोबारा उल्लंघन मिलते ही NGT अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें चालान से लेकर एफआईआर तक शामिल है।
DPCC मानकों के अनुसार निर्माण सामग्री खुले में छोड़ना, सड़क पर C&D वेस्ट फैलाना, धूल उड़ाने वाली गतिविधियां करना, या प्रदूषणकारी वाहनों का उपयोग करने पर 10,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक के दंड का प्रावधान है। इन प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने के लिए प्राधिकरण की प्रवर्तन एवं अभियंत्रण टीमें फील्ड पर तैनात की गई हैं।
धूल-मुक्त शहर की दिशा में तेज कदम—सड़कों और पेड़ों से हटाई जा रही धूल, अभियान में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
शहर में धूल-मुक्त अभियान तेज गति से चल रहा है। आधुनिक मशीनों की मदद से सुबह और रात दोनों समय सड़कों पर व्यापक पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मधुबन बापूधाम, राजनगर एक्सटेंशन और अन्य योजना क्षेत्रों की आंतरिक सड़कों की धुलाई के साथ-साथ पेड़ों पर जमा धूल हटाने, आवश्यक कटिंग, सड़क किनारों की सफाई, और निर्माण सामग्री से मुक्त कराने का अभियान जारी है। अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर धूल नियंत्रण उपायों की प्रत्यक्ष मॉनिटरिंग की।
प्राधिकरण ने शहरवासियों, सोसाइटी निवासियों और निजी डेवलपर्स से अपील की है कि वे वायु प्रदूषण नियंत्रण में सक्रिय सहयोग करें—निर्माण गतिविधियों को रोकें, धूल नियंत्रण का पालन करें, पौधों की धुलाई कराएं, खुले में कचरा न जलाएं और परिसर में धूल फैलाने वाली गतिविधियों को रोकें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
