ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। समेकित शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहायक अध्यापक एवं अध्यापिकाओं का पाँच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद राशिद के मार्गदर्शन में विकास क्षेत्र दनकौर के कंपोजिट विद्यालय लुक्सर में संपन्न हुआ।
शिक्षकों को तैयार किया गया हर बच्चे के लिए सक्षम शिक्षण के लिए: दिव्यांग शिक्षा में नवीनतम प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अध्यापन की नवीन विधियाँ, कक्षा संचालन कौशल, घर आधारित शिक्षा की अवधारणा, शिक्षण अधिगम सामग्री के प्रभावी उपयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को व्यवहारिक रूप से दक्ष बनाना रहा, ताकि वे कक्षा में प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप सीखने का अवसर दे सकें।
इस प्रशिक्षण में विशेष शिक्षकों अनिल कुमार, वर्तिका शुक्ला, राकेश भारतीय और संदीप मौर्य ने संदर्भदाता के रूप में अपने अनुभव साझा किए। साथ ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की मेंटर सुमिता सचान ने भी मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल पचास शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों में संतोष नागर, सतीश पीलवान, अजीत नागर, ज्योतिर्मय पाण्डेय, मनोज तेवतिया, निर्मला त्यागी, रेखा शर्मा, कपिल भाटी, आनंद, सतीश नागर, अर्चना सक्सेना, पारुल उपाध्याय, अंशु श्रीवास्तव, प्रतिभा अवस्थी, चित्रा भाटी, पुष्पावती, पूनम रानी, रेखा तंवर, अनीता सिंह, ज्योति दुबे, चारुल शर्मा, कविता, विष्णु प्रिया, अंजू ठाकुर, मीनू चौधरी, स्मृति गुप्ता सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
प्रशिक्षण के समापन पर शिक्षकों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और समावेशी बनाने में सहायता मिलेगी। शिक्षा विभाग की यह पहल समावेशी शिक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
