ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। देश और विदेश में अपनी अद्वितीय मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध राम वनजी सुतार का निधन कला और संस्कृति की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में योगदान देने वाले इस महान मूर्तिकार की मौत से उनके चाहने वालों में गहरा शोक व्याप्त है।
राम वनजी सुतार: कला के शिल्प में भारत की पहचान और गौरव के प्रतीक
राम वनजी सुतार ने अपने जीवनकाल में न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संजोया बल्कि देश को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें भारत सरकार द्वारा 1999 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र भूषण से भी सम्मानित किया था। उनके बनाए गए अद्वितीय शिल्प आज भी कला प्रेमियों और आम जनता के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
सांस्कृतिक विरासत के स्तंभ राम वनजी सुतार के निधन पर वरिष्ठ अधिकारियों ने जताया दुख
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राम वनजी सुतार के निधन की खबर मिलते ही प्रशासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उनके निवास स्थान सेक्टर-19 नोएडा पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें इस दुखद क्षण में सांत्वना दी। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में जिलाधिकारी मेधा रूपम, डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, एसीपी नोएडा प्रवीण कुमार सिंह और उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
परिवारजन और कलाकार समाज उनके योगदान और स्मृति को हमेशा याद रखेगा। राम वनजी सुतार का जीवन उनके शिल्प की तरह प्रेरणादायक और अद्भुत रहा। उनके निधन से कला जगत एक युग का अंत और नए कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत खो बैठा है। उनकी बनाई गई मूर्तियां आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी और उनके योगदान को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर के रूप में संजोया जाएगा।
