मेरठ (शिखर समाचार)। मेरठ परिक्षेत्र के समस्त जनपदों में अपराधियों की जमानत कराने वाले पेशेवर और फर्जी जमानतदारों की पहचान करने के लिए ऑपरेशन जमानतदार सत्यापन चलाया गया। इस अभियान के तहत पिछले तीन वर्षों में संपत्ति संबंधित अपराध, डकैती, चोरी, लूट, छिनैती, फिरौती हेतु अपहरण, हत्या और धोखाधड़ी आदि मामलों में जमानत लेने वाले 2283 जमानतदारों का व्यापक सत्यापन किया गया।
जमानतदार अभियान में 155 की पहचान, 44 फर्जी जमानतदारों पर 21 मामले दर्ज
अभियान में 155 पेशेवर, फर्जी और बाहरी जमानतदारों की पहचान हुई, जिनमें से 44 फर्जी जमानतदारों के विरुद्ध 21 अभियोग दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने बताया कि जमानतदारों के चिन्हांकन का कार्य अब भी जारी है और यह अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य अपराधियों को जमानत दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज और झूठे प्रमाणों का इस्तेमाल रोकना और पेशेवर जमानतदारों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को पूर्णतः रोका जाएगा। डीआईजी ने कहा कि ऑपरेशन सत्यापन को निरंतर जारी रखा जाएगा और पेशेवर तथा फर्जी जमानतदारों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान से यह संदेश भी गया कि कोई अपराधी भविष्य में जमानत पाने के लिए गलत दस्तावेज या फर्जी तरीके का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
