गाज़ियाबाद (शिखर समाचार) आईएमएस गाज़ियाबाद में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) एटेल अकादमी के सहयोग से आयोजित अगली पीढ़ी की व्यावसायिक बुद्धिमत्ता : कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन शिक्षण के उपयोग से परिवर्तनकारी विकास विषयक छह दिवसीय ऑनलाइन प्राध्यापक विकास कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। 24 से 29 नवम्बर 2025 तक चले इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों और अनुसंधान केन्द्रों से 125 से अधिक शिक्षकों और शोधार्थियों ने सहभागिता की।
उभरती तकनीकों की दुनिया: ज्ञान से कौशल तक की एक प्रेरक यात्रा
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन शिक्षण, व्यावसायिक बुद्धिमत्ता, आँकड़ा विज्ञान, मेघ गणना (क्लाउड कम्प्यूटिंग) और स्वचालन जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अद्यतन ज्ञान तथा व्यवहारिक कौशल प्रदान करना था। समापन दिवस पर ऑनलाइन मूल्यांकन परीक्षा, प्रतिभागी प्रतिक्रिया और औपचारिक समापन समारोह के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया।
समापन सत्र की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) जसकीरन कौर निदेशक आईएमएस गाज़ियाबाद ने की। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीकी नवाचारों पर आधारित होगा और शिक्षा जगत के लिए आवश्यक है कि शिक्षक बदलती तकनीकी आवश्यकता के अनुरूप स्वयं को लगातार सशक्त बनाते रहें। उन्होंने प्रतिभागियों को आजीवन सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखने का संदेश दिया।
अनुसंधान उन्नयन की दिशा में मजबूत कदम: आभार, प्रतिबद्धता और आगे की राह
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अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के प्रमुख डॉ. येर्रागोला प्रकाश ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और एटेल अकादमी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान की अनुसंधान वृद्धि तथा तकनीकी उन्नयन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि आगे भी आईएमएस गाज़ियाबाद इसी प्रकार के उन्नत शैक्षणिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
अंतिम दिन तीन विशेषज्ञों ने तकनीकी भविष्य की दिशा पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
ध्रुव शर्मा सहायक प्रोफेसर आईएमएस गाज़ियाबाद ने जननात्मक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (जेनरेटिव एआई) आधारित स्वचालन, उसके कार्यप्रवाह, सामग्री निर्माण तथा शिक्षा और उद्योग में इसके प्रभाव पर चर्चा की।
उद्योग 5.0 की ओर बढ़ता कदम: मेघ संरचना से लेकर एआई नवाचार तक विशेषज्ञों की दूरदृष्टि
ए. के. सिन्हा (निदेशक, यूएसटी सॉफ्टवेयर इंडिया प्रा. लि.) ने बदलते वैश्विक उद्योग परिदृश्य में मेघ गणना की भूमिका, सुरक्षा मानकों तथा बहु मेघ संरचना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अरिंदम चटर्जी (प्रधान आँकड़ा वैज्ञानिक, सहाज सॉफ्टवेयर) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भावी संभावनाओं, उद्योग 5.0, पूर्वानुमान आधारित मॉडलिंग और आँकड़ा आधारित निर्णय प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों व अवसरों पर प्रकाश डाला।
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक, व्यवहारिक और सुव्यवस्थित बताते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शोध, नवाचार और परियोजना निर्माण के लिए नई प्रेरणा भी प्रदान करता है। यह सफल आयोजन तकनीकी शिक्षा को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप मजबूत बनाने में आईएमएस गाज़ियाबाद की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
