हापुड़ (शिखर समाचार) शिक्षा भारती के माध्यम से ग्राम विकास और श्रमिक वर्ग के बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने के उद्देश्य से गोयना ग्राम में संचालित संस्कार केंद्र में अध्ययनरत बच्चों को जूते वितरित किए गए। यह जूते पूर्व में समाजसेवी सुशील माहेश्वरी और मनीषा रानी माहेश्वरी, कानपुर द्वारा भेंट किए गए थे, जिनका वितरण शीत ऋतु के आगमन पर संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के दौरान मधु माहेश्वरी ने बच्चों को जूते पहनाकर उन्हें शिक्षा के महत्व से अवगत कराया और नियमित पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
“शिक्षा से ही संवरता है भविष्य” — मधु माहेश्वरी का संदेश, बच्चों को अनुशासन और परिश्रम की प्रेरणा
मधु माहेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है और संस्कार केंद्र जैसे प्रयास समाज के अंतिम पंक्ति के बच्चों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बच्चों से अनुशासन, परिश्रम और निरंतर अध्ययन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विशाखा गोयल ने सहयोग करते हुए बच्चों को नियमित विद्यालय जाने, योग करने और मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार और शिक्षा से ही बच्चे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने सहयोगकर्ताओं का आभार भी व्यक्त किया। जूता वितरण कार्यक्रम के दौरान संस्कार केंद्र की इंचार्ज रविन्द्री सहित चिंकी और चीनू की भी उपस्थिति रही। सभी ने इस पहल को बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।
