शोभा गुप्ता ने रक्षा सम्पदा महानिदेशक का कार्यभार संभाला

Rashtriya Shikhar
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Shobha Gupta has assumed the charge of the Director General of Defence Estates IMAGE CREDIT TO Shobha Gupta Profile

नई दिल्ली (शिखर समाचार) लंबे प्रशासनिक अनुभव और रक्षा भूमि प्रबंधन की गहरी समझ रखने वाली अधिकारी शोभा गुप्ता ने रक्षा सम्पदा महानिदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। 1990 बैच की भारतीय रक्षा संपदा सेवा की अधिकारी गुप्ता अपने करियर के दौरान छावनी प्रशासन और रक्षा भूमि संरक्षण से जुड़े कई अहम दायित्व निभा चुकी हैं।

कुशल नेतृत्व और ठोस नीतियों के साथ सशस्त्र बलों के प्रबंधन में नई ऊँचाईयों की ओर

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इससे पहले वे देशभर में विभिन्न छावनी बोर्डों की मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अलग-अलग मंडलों में रक्षा संपदा अधिकारी, स्टाफ अधिकारी, मध्य कमान की रक्षा संपदा निदेशक, दक्षिण पश्चिम कमान की प्रधान निदेशक और हाल ही में पश्चिम कमान की प्रधान निदेशक के पदों पर अपनी सेवाएँ दे चुकी हैं। उनके कार्यकाल को हमेशा बेहतर प्रबंधन और ठोस नीतिगत निर्णयों के लिए जाना गया है।

रक्षा संपदा महानिदेशालय देश की सुरक्षा संरचना में एक अहम भूमिका निभाता है। इसके अंतर्गत लगभग 18 लाख एकड़ रक्षा भूमि का संरक्षण, रखरखाव और प्रबंधन शामिल है। यह महानिदेशालय छह कमानों, 38 रक्षा संपदा मंडलों और 61 छावनी बोर्डों की गतिविधियों का संचालन करता है। भूमि प्रबंधन से लेकर शहरी ढाँचे के विकास और रक्षा संपदा से जुड़े विवादों के समाधान तक, इसकी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

तीन दशकों का अनुभव: गुप्ता के नेतृत्व में रक्षा संपदा क्षेत्र में नई दिशा और समृद्धि की संभावना

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गुप्ता के पास इस क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है, जिसने उन्हें रक्षा संपदा संगठन के जटिल और बहुआयामी कार्यों के लिए विशेष रूप से सक्षम बनाया है। उनके नेतृत्व में भूमि संसाधनों के बेहतर उपयोग, छावनी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार और रक्षा सम्पदा मामलों के सुचारू प्रबंधन को और मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

उनकी नियुक्ति को न केवल संगठन के भीतर बल्कि नीति निर्धारकों और रक्षा प्रशासनिक हलकों में भी सकारात्मक कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में रक्षा सम्पदा महानिदेशालय नई चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप और भी अधिक सशक्त व सक्षम होकर उभरेगा।

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