गाजियाबाद (शिखर समाचार)। कैबिनेट मंत्री/ मंत्री मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद गाजियाबाद के दौरे पर पहुँचे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी भवन में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग को देश में अव्वल बनाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, प्रधानमंत्री मछुआ दुर्घटना बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड मत्स्य पालन क्षेत्र हेतु, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषाद राज बोट योजना, माता सुकेता केज कल्चर, सघन मत्स्य पालन हेतु एरियेशन, मोपेड विथ आइस बॉक्स, ग्राम समाज तालाब पट्टा, एनएफडीबी पंजीकरण और सहकारी समितियों का गठन एवं पंजीकरण किया जा रहा है।
मछुआ समाज के सशक्तिकरण की पहल — कल्याणकोष से आर्थिक संबल और 20 अगस्त को निषाद पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का प्रथम राज्य है, जहाँ मत्स्य पालक कल्याणकोष की स्थापना की गई है। इस कोष के माध्यम से मछुआ समाज को चिकित्सा, शिक्षा, दैवीय आपदा सहायता, प्रशिक्षण, नाव-जाल क्रय, विवाह सहायता सहित अन्य अनेक योजनाओं से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्रदान किया जा रहा है। जनपद गौतमबुद्ध नगर में अब तक लगभग 1 करोड़ 69 लाख रुपये से अधिक की धनराशि मछुआ समाज के हित में आवंटित की गई है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 20 अगस्त 2025 को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी का 10वां स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय अधिवेशन नई दिल्ली स्थित तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इसमें देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से मछुआ समाज के लोग बड़ी संख्या में प्रतिभाग करेंगे। अधिवेशन में पार्टी की भंग राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक कमेटियों का पुनर्गठन कर नई संरचना की घोषणा की जाएगी।
आरक्षण और राजनीतिक रणनीति पर निषाद पार्टी का फोकस — अधिवेशन में पंचायत चुनाव की घोषणा और 17 उपजातियों को SC सूची में शामिल करने की माँग
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उन्होंने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श उपरांत एनडीए के घटक दल के रूप में रणनीति तय की जाएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निषाद पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और इस संबंध में अधिवेशन में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। मछुआ समाज की बहुप्रतीक्षित मांग मझवार, तुरैहा, तरमालीपासी सहित सभी 17 उपजातियों को उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर परिभाषित कर अनुसूचित जाति की सूची में सम्मिलित करने का प्रस्ताव भी केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा। निषाद पार्टी की स्थापना ही मछुआ समाज के आरक्षण के मुद्दे को हल करने के उद्देश्य से की गई थी, क्योंकि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी यह समाज विकास की मुख्यधारा से वंचित रहा है। अतः संविधान में सूचीबद्ध मछुआ समाज को अनुसूचित जाति आरक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किया जाना समय की आवश्यकता है।
