आरएसएस का शिशु एवं बाल पथ संचलन, नगर में अनुशासन और जागरण का संदेश

Rashtriya Shikhar
2 Min Read
RSS's message of child and child movement, discipline and awareness in the city IMAGE CREDIT TO संघ

नगीना / बिजनौर (शिखर समाचार) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिशु एवं बाल पथ संचलन कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को नगर में अनुशासन, एकता और सामाजिक चेतना का दृश्य देखने को मिला। सैकड़ों गणवेशधारी बाल व शिशु स्वयंसेवकों ने संगठित पंक्तियों में कदमताल करते हुए मोहल्लों से होकर पथ संचलन निकाला और जन-जागरण का संदेश दिया। मार्ग में अनेक स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।

तंत्र-मंत्र के जाल में रची गई साजिश, बीस लाख की सुपारी में हुआ कत्ल का सौदा

ALSO READ:https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/ghaziabad-free-admissions-are-being-offered-in-private-schools-how-to-apply-local18-9996872.html

कार्यक्रम का आयोजन नवीन शिक्षा सदन, बिश्नोई सराय में किया गया, जहां मुख्य वक्ता प्रांत साप्ताहिक मिलन उदयवीर सिंह ने अपने उद्बोधन में गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में समाज के दायित्वों की चर्चा की और समस्त हिंदू समाज से पांच संकल्प सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने तथा नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता के संबोधन के उपरांत पथ संचलन नवीन शिक्षा सदन से आरंभ होकर बिश्नोई सराय के मुख्य मार्ग से गुजरता हुआ, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरिश्चंद्र थापन के आवास के सामने से होते हुए बूढ़ा वाली की चुंगी तक पहुंचा और पुनः नवीन शिक्षा सदन में आकर संपन्न हुआ। इस दौरान बाल व शिशु स्वयंसेवक गणगीत के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे, जिससे पूरे मार्ग में अनुशासन और ऊर्जा का वातावरण बना रहा। पथ संचलन में नगर कार्यवाह अनमोल कंसल, हर्ष शारीरिक, शिक्षण प्रमुख अनुराग, नगर विद्यार्थी प्रमुख, आवास सह नगर विद्यार्थी प्रमुख, सुधीर, नगर बौद्धिक शिक्षण प्रमुख नितिन, नगर संपर्क प्रमुख गौतम सहित मुकेश, सचिन, निर्मल, अनिल शर्मा, राजकुमार, सुरेंद्र, प्रणय समेत सैकड़ों स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन से नगर में सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित हुआ।

Share This Article
Leave a comment