नई दिल्ली (शिखर समाचार)।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की शक्ति और उसके विकास की दिशा उसकी ऐतिहासिक चेतना से प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जो राष्ट्र अपनी विरासत से जुड़े रहते हैं और उससे प्रेरणा लेते हैं, वे दृढ़ विश्वास के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होते हैं।
संसद भवन की भित्तिचित्रों पर आधारित पुस्तक का विमोचन
ये विचार उन्होंने संविधान सदन स्थित प्रिंसेस चैंबर में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए, जहां भारत के उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ संयुक्त रूप से सांसद सुधा मूर्ति द्वारा लिखित कॉफी टेबल बुक Tides of Time: संसद की भित्तिचित्रों के माध्यम से भारत का इतिहास का विमोचन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री, वर्तमान एवं पूर्व सांसदों सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह पुस्तक संसद भवन के भित्तिचित्रों में निहित भारत के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और सभ्यतागत विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने उल्लेख किया कि संविधान सदन की दीवारों पर अंकित चित्र भारत की प्राचीन विरासत, स्वतंत्रता संग्राम और सांस्कृतिक समृद्धि की गौरवगाथा को सजीव रूप में प्रस्तुत करते हैं।
सुधा मूर्ति की लेखन शैली और युवा पीढ़ी पर प्रभाव
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ओम बिरला ने सुधा मूर्ति की लेखन शैली की सराहना करते हुए कहा कि वे जटिल ऐतिहासिक विषयों को सरल और संवेदनशील भाषा में प्रस्तुत करती हैं, जिससे विशेषकर युवाओं के लिए इतिहास को समझना आसान हो जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अपने संबोधन में सुधा मूर्ति ने कहा कि युवाओं के साथ संवाद के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि देश के इतिहास और विरासत के प्रति जागरूकता में कमी है। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रक्रिया है, जो हमारी पहचान, मूल्यों और दृष्टिकोण को आकार देती है। उन्होंने बल दिया कि पूर्वजों के संघर्ष, बलिदान और उपलब्धियों को रोचक और प्रासंगिक तरीके से नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम की अन्य झलकियाँ
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कार्यक्रम में लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया और कहा कि इस पुस्तक के प्रकाशन से संसद की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत के दस्तावेजीकरण में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
यह कॉफी टेबल बुक लोकसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित की गई है।
