IAS राकेश कुमार सिंह ने संभाली यमुना प्राधिकरण (YEIDA) की कमान

राष्ट्रीय शिखर
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Rakesh Kumar Singh took over the command of Yamuna Authority

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) में मंगलवार को एक नया अध्याय शुरू हुआ, जब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने सीईओ के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। शांत और सादगीभरे माहौल में हुई इस जिम्मेदारी के हस्तांतरण ने न केवल प्राधिकरण में एक नई कार्यसंस्कृति की उम्मीद जगाई है, बल्कि विकास के नए रास्तों की ओर भी संकेत दिया है।

डॉ. अरुणवीर सिंह की लंबी और प्रभावशाली पारी के बाद यह पद राकेश कुमार सिंह जैसे निर्णायक और अनुशासित अफसर को सौंपा गया

डॉ. अरुणवीर सिंह की लंबी और प्रभावशाली पारी के बाद यह पद राकेश कुमार सिंह जैसे निर्णायक और अनुशासित अफसर को सौंपा गया है, जिनकी पहचान मुख्यमंत्री के विश्वसनीय अधिकारियों में होती है। उत्तर प्रदेश शासन ने जिस भरोसे और दूरदृष्टि के साथ उन्हें यह दायित्व सौंपा है, वह यीडा के भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

पदभार ग्रहण करते ही राकेश कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ पहली बैठक की और प्राथमिक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर यह स्पष्ट संकेत दिया कि वह योजनाओं को ज़मीन पर उतारने के पक्षधर हैं, न कि सिर्फ कागज़ों में सजी रिपोर्टों के। उनके सामने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक हब, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक सिटी और अपैरल पार्क जैसे मेगाप्रोजेक्ट्स की चुनौती है, जिन्हें गति देना और पारदर्शिता के साथ पूर्ण कराना ही अब उनकी प्राथमिकता होगी।

उप जिलाधिकारी से लेकर ज़िलाधिकारी और विभिन्न विभागों में सचिव पद तक का उनका सफर बताता

राकेश कुमार सिंह का प्रशासनिक अनुभव भी व्यापक और विविध है। उप जिलाधिकारी से लेकर ज़िलाधिकारी और विभिन्न विभागों में सचिव पद तक का उनका सफर बताता है कि वे शासन की जटिलताओं को बारीकी से समझते हैं। यही नहीं, वे पहले भी यीडा में एसीईओ रह चुके हैं, जिससे प्राधिकरण की संरचना और क्षेत्रीय ज़रूरतों से उनका परिचय नया नहीं है।

उनकी कार्यशैली जनोन्मुखी और ज़मीनी मानी जाती है। वे कागज़ों से ज्यादा क्षेत्र में जाकर कार्यों की समीक्षा और आम लोगों से संवाद के पक्षधर रहे हैं। कई जिलों में उनके नेतृत्व में प्रशासनिक सुधार के उल्लेखनीय उदाहरण मिलते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राकेश कुमार सिंह, डॉ. अरुणवीर सिंह द्वारा स्थापित कार्यसंस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जा पाएंगे? क्या उनके नेतृत्व में यमुना प्राधिकरण देश के सबसे तेज़ी से उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाने लगेगा?

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