हापुड़ (शिखर समाचार)
जिले में बाल श्रम पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानेजय सिंह के निर्देशन में थाना मानव तस्करी निरोधक इकाई तथा श्रम प्रवर्तन विभाग की संयुक्त टीम ने नगर क्षेत्र में सघन अभियान चलाया। इस दौरान कई दुकानों, होटलों, कारखानों और कार्यशालाओं की जांच की गई, जहां पांच नाबालिगों को काम करते हुए चिन्हित किया गया। संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बाल श्रम रोकने विशेष अभियान, बच्चों को मुक्त कराया और दुकानदारों को नोटिस जारी
सहायक श्रमायुक्त सर्वेश कुमारी ने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी सोनकर एवं मानव तस्करी निरोधक इकाई की टीम द्वारा संयुक्त रूप से बाल श्रम संरक्षण एवं रोकथाम को लेकर यह विशेष अभियान संचालित किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में बच्चों से श्रम कराते पाए जाने पर उन्हें मौके से मुक्त कराया गया तथा दुकानदारों को नोटिस जारी कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस: व्यापारियों को चेतावनी, बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की ओर लौटाया जा रहा
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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल श्रमिकों से काम कराना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। साथ ही व्यापारियों और दुकानदारों से अपील की कि वे नाबालिगों को रोजगार पर न रखें और कानून का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सहायक श्रमायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि जनपद में बाल एवं किशोर श्रमिकों की पहचान और उनके पुनर्वास के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा गठित विशेष टीमें समय-समय पर विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि बच्चों को श्रम से मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की ओर वापस लौटाया जा सके।
