बिजनौर (शिखर समाचार) जनपद मुख्यालय पर नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को परखने और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी जसजीत कौर ने की। यह बैठक उत्तर प्रदेश दिवस 2026 तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रस्तावित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल को लेकर बुलाई गई थी।
आपदा प्रबंधन अभ्यास: प्रशासन की तत्परता और समन्वय का परीक्षण
बैठक में अपर जिला अधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित, अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह, उप जिलाधिकारी सदर रितु रानी, क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रशांत श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात या संकट की स्थिति में प्रशासनिक तंत्र की तत्परता को जांचना, विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और वास्तविक आपदा के समय प्रतिक्रिया में लगने वाले समय को न्यूनतम करना है।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 23 जनवरी को प्रस्तावित मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी के संकेत के रूप में सायरन बजाया जाएगा। सायरन की आवाज सुनते ही चिन्हित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद कर ब्लैकआउट की स्थिति बनाई जाएगी। इस दौरान नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की प्रक्रिया का अभ्यास भी कराया जाएगा। जैसे ही हवाई हमले के समाप्त होने की सूचना दी जाएगी, ऑल क्लियर सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने का संकेत दिया जाएगा।
मॉक ड्रिल में showcased होगी आपदा प्रबंधन की हर भूमिका: अग्निशमन से बचाव तक
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/police-arrested-three-accused-who-stole-goods/
मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन विभाग द्वारा छोटी आग पर काबू पाने का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही स्काउट गाइड स्वयंसेवक, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक और एनसीसी वालंटियर घायलों को प्राथमिक उपचार देने, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने तथा क्षतिग्रस्त भवनों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास करेंगे।
प्रशासन ने बताया कि इस अभ्यास में नागरिक सुरक्षा कोर, विद्युत निगम, पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, स्काउट गाइड, राजस्व विभाग, आपदा मित्र सहित अन्य संबंधित इकाइयों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, ताकि मॉक ड्रिल के माध्यम से जनपद की आपदा प्रबंधन क्षमता को और मजबूत किया जा सके।
