किसानों की समस्याओं पर भाकियू (लोकशक्ति) की पंचायत, अधिकारों को लेकर बुलंद हुई आवाज

Rashtriya Shikhar
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Panchayat of BKU (Lokshakti) raised voice regarding rights on the problems of farmers IMAGE CREDIT TO भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति

रबूपुरा (शिखर समाचार)। जेवर हवाई अड्डा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण से प्रभावित किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने सोमवार को गांव रौनिजा में विशाल पंचायत का आयोजन किया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के सैकड़ों किसान पंचायत स्थल पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर एक स्वर में आवाज उठाई।

किसानों की मांग: अधिग्रहित जमीन के बदले आबादी भूखंड का प्रतिशत बढ़ाया जाए, जीवन में मिले सम्मान और राहत

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पंचायत को संबोधित करते हुए किसानों ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा वर्षों पूर्व अधिग्रहित की गई भूमि के बदले अब तक किसानों को सात प्रतिशत आबादी भूखंड नहीं दिए गए हैं, जिससे प्रभावित परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने मांग की कि आबादी भूखंडों का प्रतिशत सात के स्थान पर दस किया जाए ताकि विस्थापित परिवार सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।

किसानों ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए भूमि अधिग्रहण के बदले दिए जाने वाले मुआवजे की राशि बढ़ाने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि वर्तमान दरें आज की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय युवाओं को चालीस प्रतिशत आरक्षण देने, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों में प्रभावित परिवारों को विशेष रियायत प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

किसानों ने सौंपा 13 बिंदुओं वाला ज्ञापन, हवाईअड्डा प्रभावित क्षेत्रों में न्याय और सुविधाओं की उठाई मांग

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पंचायत में यमुना प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र सिंह और जेवर के उपजिलाधिकारी न्यायिक दुर्गेश सिंह किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हवाई अड्डे से प्रभावित किसानों के बच्चों को योग्यता के आधार पर रोजगार देने, गांवों और कस्बों की आबादी के लिए पांच सौ मीटर भूमि छोड़कर ही अधिग्रहण करने सहित कुल तेरह मांगें शामिल की गई हैं।

अधिकारियों ने किसानों की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि मांगों पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत के समापन पर किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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