हापुड़ (शिखर समाचार) नगर के जवाह गंज क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग और नंदोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसके बाद पूरे पंडाल में भक्ति और आनंद का वातावरण छा गया। जैसे ही कथा में कृष्ण जन्म का प्रसंग आया, वैसे ही “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल” के जयघोष से परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य में लीन हो गए।

कथा व्यास डॉ. शैलबिहारी दास ने प्रसंग को विस्तार से रखते हुए कहा कि जब पृथ्वी पर अत्याचार और अनाचार अपने चरम पर था, चारों ओर हाहाकार मचा हुआ था, तब कंस के कारागार में वासुदेव और देवकी के यहां भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। उनका पालन पोषण नंद बाबा के घर हुआ, इसी कारण नंदगांव में जन्मोत्सव विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। आगे उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने अत्याचारी कंस का अंत कर धरती को अन्याय से मुक्त कराया और अपने माता-पिता को कारावास से छुड़ाया।
कथा के दौरान गुरुवार देर शाम जन्म प्रसंग के साथ ही श्रद्धालु झूम उठे। शुक्रवार को जन्मोत्सव की खुशी में कथा स्थल को विशेष रूप से सजाया गया, माखन मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया और भक्तों ने नंदोत्सव मनाते हुए भक्ति नृत्य किया। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का भी सजीव वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रोता भावमग्न हो गए। कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के प्रबंधक अनिल अग्रवाल, डॉ. राकेश अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, मनोज कर्णवाल, विकास गोयल, डॉ. सुमन अग्रवाल, यर्थाथ अग्रवाल, भावना अग्रवाल, चंद्र प्रकाश ठठेरे, पूनम कर्णवाल, शान्तुन सिंघल, राहुल सिंघल, संजीव रस्तोगी, बिट्टू वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
