गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आईटीएस (स्नातक परिसर) की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने सामाजिक सरोकार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। वसुंधरा सेक्टर 6 के आसपास की मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चों को साक्षरता का पाठ पढ़ाया गया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित शर्मा के नेतृत्व में किया गया।
सर्व शिक्षा अभियान’ के अंतर्गत शिक्षण गतिविधियां
इस अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत खेल खेल में रोचक और मनोरंजक शिक्षण गतिविधियां आयोजित की गईं। स्वयंसेवकों ने बच्चों को बुनियादी शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता, अनुशासन और अच्छे व्यवहार के बारे में भी जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, बच्चों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण कर मानवता और सेवा भाव का संदेश दिया गया।
छात्रों में संवेदनशीलता और सामाजिक जागरूकता
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कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों को समाज के उस वर्ग के करीब लाया गया, जिनकी समस्याओं से वे सामान्यतः अनभिज्ञ रहते हैं।
शिविर ने छात्रों की सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाई और उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों से रूबरू कराते हुए उनकी सोच में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया।
प्राचार्या का संदेश और संस्थान का योगदान
संस्थान की प्राचार्या डॉ. नैंसी शर्मा ने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य युवाओं में सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का दायित्व केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डॉ. अमित शर्मा, विकास त्यागी, डॉ. संदीप गर्ग, प्रो. विकास कुमार, प्रो. आदिल खान, डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, डॉ. नीरज कुमार जैन और प्रो. प्रशांत त्यागी सहित बीबीए एवं बीसीए पाठ्यक्रमों के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
