Noida Authority की व्यावसायिक भूखंड योजना फ्लॉप, सिर्फ तीन आवेदन, महंगे दाम बने अड़चन

Rashtriya Shikhar
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Noida Authority’s Commercial Plot Scheme Flops: Only Three Applications, High Prices Become a Barrier IMAGE CREDIT TO NOIDA AUTHORITY PROFILE

नोएडा (शिखर समाचार)। नोएडा प्राधिकरण की व्यावसायिक भूखंड योजना इस बार लोगों को आकर्षित करने में नाकाम साबित हुई। निर्धारित समयावधि में कुल 10 भूखंडों के लिए केवल तीन आवेदन ही प्राप्त हुए। अधिकारियों ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया बंद होने के बाद अब इन तीनों एजेंसियों के कागज़ातों की गहन जांच की जा रही है।

भूखंड आवेदनों में सुस्ती — बढ़ाई गई अवधि के बावजूद नए आवेदन न आने से ई-नीलामी प्रक्रिया पर सस्पेंस

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योजना के तहत छोटे (20 हजार वर्ग मीटर से कम) और बड़े क्षेत्रफल दोनों तरह के भूखंड शामिल थे। आवेदन की अंतिम तारीख निकलने के बाद प्राधिकरण ने दो बार एक-एक सप्ताह की बढ़ोतरी भी की, लेकिन इसके बावजूद कोई नया आवेदन सामने नहीं आया।

अब तक आए तीनों आवेदन अलग-अलग श्रेणी के भूखंडों के लिए हैं। यदि दस्तावेज़ जांच में सही पाए जाते हैं तो आवेदकों को ई-नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। हालांकि उन्हें सीधे आरक्षित मूल्य पर भूखंड आवंटित नहीं किया जाएगा। ई-नीलामी के दिन उन्हें तय कीमत से कम से कम एक प्रतिशत अधिक बोली लगानी होगी, तभी भूखंड उनके नाम हो पाएगा।

ऊँचे दामों ने ठप्प किया व्यावसायिक भूखंड आवंटन — निवेशकों की हिचकिचाहट से योजना की सफलता पर उठा सवाल

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अधिकारियों का कहना है कि योजना की असफलता का मुख्य कारण व्यावसायिक भूखंडों के ऊँचे रेट हैं। हालाँकि इस साल अन्य श्रेणी की संपत्तियों के आवंटन मूल्य में बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन व्यावसायिक भूखंडों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। यही वजह रही कि अधिक संख्या में लोग आवेदन करने नहीं आए।

प्राधिकरण का मानना है कि ऊँची कीमतें निवेशकों के लिए बाधा बन रही हैं। अब देखने वाली बात होगी कि तीन आवेदनों के साथ यह ई-नीलामी कितनी सफल हो पाती है।

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