आरव शर्मा
गाजियाबाद/मंडोला (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की विभिन्न योजनाओं में नवरात्रि के पावन पर्व पर उत्सव का माहौल रहा। इस शुभ अवसर का लाभ उठाते हुए परिषद ने गाजियाबाद की सिद्धार्थ विहार, वसुंधरा और मंडोला विहार योजना के अंतर्गत पिछले 9 दिनों में कुल 55 फ्लैट्स की रजिस्ट्री आवंटियों के पक्ष में निष्पादित की है।
इन रजिस्ट्रियों के माध्यम से परिषद के खजाने में लगभग 15 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि स्टांप शुल्क के रूप में सरकार को करीब 1 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। आस्था और उत्साह के संगम के बीच कई आवंटियों ने नवरात्रि के दौरान अपने नए आवासों का कब्जा प्राप्त कर विधि विधान से ‘गृह प्रवेश’ भी किया।
कुशल नेतृत्व में मिली सफलता
संपत्ति प्रबंध अधिकारी (गाजियाबाद/मंडोला) पी.एस. रावत ने बताया कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के मेरठ जोन के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन के कारण संभव हो सकी है।
परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रियता से आवंटियों को रजिस्ट्री और कब्जे की प्रक्रिया में काफी सहूलियत मिली।
14 अप्रैल से लागू होगी ओटीएस (ओटीएस) योजना, बकायेदारों को नोटिस जारी
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परिषद ने अब अपना ध्यान बकायेदारों को राहत देने पर केंद्रित किया है। शासन और परिषद के निर्देशों के अनुसार, आगामी 14 अप्रैल 2026 से एक नई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) संचालित होने जा रही है।
नोटिस का दौर शुरू: योजना का लाभ देने के लिए कार्यालय द्वारा अब तक लगभग 210 बकायेदारों को नोटिस भेजकर सूचित किया जा चुका है। यह प्रक्रिया अभी निरंतर जारी है।
हेल्प डेस्क की स्थापना: आवंटियों की सहायता और योजना की विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय में एक समर्पित ओटीएस हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है।
अपील: परिषद ने सभी बकायेदारों से पुरजोर अपील की है कि वे इस रियायती योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने बकाया का निपटान करें और अपनी संपत्ति का पूर्ण स्वामित्व प्राप्त करें।
