राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सख्त पहल : सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास पर प्रशासन को स्पष्ट निर्देश

Rashtriya Shikhar
5 Min Read
Strict initiative of National Commission for Safai Karmacharis: Clear instructions to the administration on safety, respect and rehabilitation of sanitation workers IMAGE CREDIT TO INFORMATION DEPARTMENT

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के सचिव राहुल कश्यप ने सोमवार को जनपद गौतम बुद्ध नगर का दौरा कर सफाई कर्मियों से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की। भ्रमण के दौरान उन्होंने नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 37 तथा सेक्टर 150 स्थित लीग्रैंड सोसाइटी में हुई घटनाओं के स्थलों का निरीक्षण किया और जमीनी हकीकत को परखा। इसके पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कड़ा रुख, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य के लिए अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

ALSO READ:https://www.amarujala.com/delhi-ncr/ghaziabad/security-guard-injured-in-bike-collision-fractured-bone-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-14328-2026-01-12?src=top-subnav

बैठक में सचिव ने हाथ से मैला ढोने का कार्य प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिनियम का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल मैनुअल स्कैवेंजिंग पर रोक लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सफाई कर्मियों को सुरक्षित कार्य वातावरण, सामाजिक सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सचिव ने दो टूक कहा कि अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पात्र मामलों में बिना किसी देरी के प्रदान की जाए।

सचिव ने निर्देशित किया कि जनपद में कार्यरत सभी सफाई एजेंसियां और अनुबंधित कंपनियां अपने अधीन कार्यरत सफाई कर्मियों का पूर्ण विवरण संबंधित विभागों को उपलब्ध कराएं। इस विवरण में कर्मियों के उत्तराधिकारी, पारिवारिक स्थिति, बीमा, भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा से जुड़ी जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सफाई कर्मी से जोखिम भरा कार्य न कराया जाए और सभी को आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

सफाई कार्य में यांत्रिक क्रांति, नमस्ते योजना से आधुनिक मशीनरी और टोल-फ्री शिकायत सेवा लागू

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/e-tender-process-intensified-for-operation/

बैठक में यह भी बताया गया कि सफाई कार्य को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार की नमस्ते योजना के अंतर्गत आधुनिक मशीनों और उपकरणों की खरीद की जा सकती है। सचिव ने जोर देकर कहा कि शहरी क्षेत्रों में सीवर और नालों की सफाई पूरी तरह यांत्रिक माध्यमों से होनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति में मैनुअल सफाई स्वीकार्य नहीं है। इस दिशा में नगर निगम, विकास प्राधिकरण, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सफाई से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 14420 के व्यापक प्रचार प्रसार पर भी बल दिया गया।

समीक्षा बैठक के दौरान सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि सफाई कार्य के दौरान अब तक जिन कर्मियों की मृत्यु हुई है, उनके आश्रितों को अधिनियम के तहत निर्धारित 30 लाख रुपये की सहायता राशि सहित सभी देय लाभ शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को सहायता पाने में अनावश्यक अड़चन या विलंब नहीं होना चाहिए।

सफाई कर्मियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान, नियमित प्रशिक्षण और निगरानी अनिवार्य

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/praveen-beats-female-friend-to-death-in-hotel/

इसके अतिरिक्त लंबित मामलों की अद्यतन रिपोर्ट आयोग को भेजने और जिला स्तर पर गठित निगरानी समिति के माध्यम से सफाई कर्मियों की कार्य परिस्थितियों, सुरक्षा मानकों और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। सचिव ने सभी नगरीय निकायों को सफाई कर्मियों के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने, गंभीर रोगों से पीड़ित कर्मियों के उपचार की समुचित व्यवस्था करने और समय समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की सलाह दी, ताकि कर्मियों को आधुनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, गैस जांच और प्राथमिक उपचार की जानकारी मिल सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ शिवाकांत द्विवेदी ने आश्वासन दिया कि सचिव द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और संबंधित विभागों के माध्यम से प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) सतीश कुमार, एसीपी ट्रैफिक पवन कुमार, डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजीव कुमार, एडीओ दीपक चौहान सहित प्राधिकरण, नगर पालिका, नगर पंचायत और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Share This Article
Leave a comment