आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। ग्राम नूरनगर स्थित नन्दग्राम आवासीय योजना क्षेत्र के विकास को एक नई ऊंचाई देने जा रही है। प्राधिकरण द्वारा विकसित इस योजना के अंतर्गत भूखण्डों के आवंटन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। खास बात यह है कि इस पूरी योजना से प्राधिकरण को लगभग 66.54 करोड़ रुपये की अनुमानित आय होगी, जिसे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में खर्च किया जाएगा।
पारदर्शिता के साथ हुआ आवंटन
योजना के अंतर्गत खसरा संख्या 96 एवं 97 में कुल 77 भूखण्ड विकसित किए गए हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 7520.85 वर्ग मीटर है। प्राधिकरण ने इन भूखण्डों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रणाली को अपनाया, ताकि सभी आवेदकों को समान और निष्पक्ष अवसर मिल सके। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखते हुए पात्र आवेदकों के नामों की घोषणा की गई, जिससे जनता के बीच प्राधिकरण की विश्वसनीयता और सुदृढ़ हुई है।
राजस्व का पूरा गणित
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प्राधिकरण द्वारा निर्धारित ₹79,000 प्रति वर्ग मीटर की दर के आधार पर इस योजना से होने वाली आय का ब्यौरा निम्नवत है:
भूखण्डों की कुल कीमत: ₹59,41,47,150
लीज किराया (10%): ₹5,94,14,715
फ्री-होल्ड शुल्क (2%): ₹1,18,82,943
कुल अनुमानित आय: ₹66,54,44,808
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
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प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना केवल राजस्व जुटाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह नियोजित शहरीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस परियोजना से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग निम्नलिखित कार्यों किया जाएगा:
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाना और सुव्यवस्थित जल आपूर्ति सुनिश्चित करना।
पर्यावरण संरक्षण: पार्कों का सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्र (Green Belt) का विकास।
नागरिक सुविधाएं: बेहतर सीवर व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट जैसे आवश्यक कार्यों को गति देना।
भविष्य की जरूरतों पर फोकस
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नन्दग्राम आवासीय योजना के माध्यम से शहर की बढ़ती जनसंख्या के दबाव को कम करने और नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी इसी तरह की पारदर्शी योजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय विकास को निरंतर गति प्रदान की जाएगी, जिससे गाजियाबाद एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में अपनी पहचान बनाए रख सके।
