गाजियाबाद (शिखर समाचार)। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम ने जन समस्याओं के समाधान के क्रम में इंदिरापुरम के निवासियों की जटिल समस्या सीवर ओवरफ्लो से निजात दिलाई है। इस कार्य में बिना सड़क को क्षति पहुंचाए हाईटेक पद्धति का इस्तेमाल करते हुए ट्रेंचलेस विधि से 1800 एमएम डाया की लाइन डाली गई। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा डाली गई पुरानी लाइन को डेढ़ मीटर तक नीचे किया गया, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। कार्य की कुल लागत लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये रही।
विशेष समिति और संयुक्त कार्यवाही
नगर आयुक्त के निर्देशानुसार इस कार्य के लिए विशेष समिति का गठन किया गया। समिति में शामिल थे:
- जल निगम के चीफ आर. के. पंकज
- अधीक्षण अभियंता जल निगम चंद्र मोहन सोलंकी
- अधिशासी अभियंता अरुण प्रताप सिंह
- जलकल विभाग गाजियाबाद नगर निगम से महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद
- अधिशासी अभियंता आश कुमार
- वी ए टैक वाबैग के प्रोजेक्ट हेड अनुज त्रिपाठी
जलकल, जल निगम और वाबैग के द्वारा संयुक्त कार्यवाही की गई और इंदिरापुरम क्षेत्र की पुरानी सीवर लाइन का गहन अध्ययन कर टेक्निकल रूप से समस्या का समाधान किया गया।
तकनीकी समाधान और मॉनिटरिंग
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सीवर ओवरफ्लो की समस्या, जो कई वर्षों से चली आ रही थी, ट्रेंचलेस विधि से पाइपलाइन डालकर हल की गई। इस प्रक्रिया में सड़क की खुदाई नहीं की गई और केवल चार स्थानों पर पैच बनाकर कार्य सम्पन्न किया गया। सीआईएसएफ रोड से होते हुए इंदिरापुरम के मैन पंपिंग स्टेशन तक अंडरग्राउंड लाइन डाली गई।
इस तकनीकी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप छह महीने के भीतर कार्य पूर्ण हुआ और इंदिरापुरम क्षेत्र के निवासियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। नगर निगम द्वारा लगातार मॉनिटरिंग जारी रखी जा रही है।
