गाजियाबाद (शिखर समाचार)। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद के तत्वावधान में 14 मार्च, शनिवार को जिला न्यायालय परिसर गाजियाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका संचालन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विनोद सिंह रावत की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी संजयवीर सिंह, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मृदुल मिश्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार चतुर्थ, विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम तथा प्रभारी अधिकारी नजारत विभाग नीरज गौतम, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव शर्मा तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय सिंह द्वितीय सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल लगभग 1,85,609 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें सुलह योग्य और शमनीय 49,738 वादों का समाधान किया गया। अर्थदंड से दंडनीय मामलों में कुल 38,49,786 रुपये का अर्थदंड आरोपित कर वसूल किया गया।
परिवार न्यायालय और श्रम व अन्य अधिनियमों के मामले
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परिवार न्यायालय द्वारा वैवाहिक एवं भरण-पोषण से संबंधित 232 मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इसके अलावा श्रम अधिनियम, वाणिज्य अधिनियम, उत्तर प्रदेश अधिनियम, पुलिस अधिनियम, बाट माप अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, आबकारी अधिनियम तथा जिला परिषद अधिनियम से संबंधित लघु प्रकृति के मामलों का भी निपटारा किया गया।
मोटर वाहन दुर्घटना और बैंक वसूली मामले
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मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित कुल 101 मामलों का निस्तारण करते हुए पक्षकारों को 4,83,35,039 रुपये अदा किए जाने के आदेश पारित किए गए। वहीं विभिन्न बैंकों की ऋण वसूली तथा भारत संचार निगम लिमिटेड से संबंधित 773 मामलों का निस्तारण करते हुए 2,36,48,171 रुपये की धनराशि वसूली के आदेश पारित किए गए।
राजस्व न्यायालय और सहयोग
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राजस्व न्यायालयों से प्राप्त सूचना के अनुसार राजस्व से संबंधित 1,34,994 मामलों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन में अधिवक्ताओं, मीडिया कर्मियों और विभिन्न विधि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
