ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। महिलाओं को अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने और घरेलू उत्पीड़न के खिलाफ आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से बिसरख ब्लॉक के छलेरा आंगनवाड़ी केंद्र में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत सोमवार को घरेलू हिंसा और दहेज उन्मूलन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार पुष्कर के निर्देशन में संचालित हुआ।
कानून बना महिलाओं का संबल — संवाद सत्र में मीनाक्षी ने दिलाया अधिकारों का बोध
मंच पर उपस्थित महिला कल्याण विभाग की हब टीम से डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर मीनाक्षी ने प्रतिभागी महिलाओं के बीच संवादात्मक सत्र के माध्यम से घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 और दहेज निषेध कानून की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि कानून केवल सुरक्षा कवच ही नहीं, बल्कि महिलाओं को न्याय पाने का मजबूत अधिकार भी प्रदान करता है।
मीनाक्षी ने कहा कि डर और चुप्पी अन्याय को बढ़ावा देती है, इसलिए किसी भी तरह की हिंसा या दमन को अनदेखा न करें, बल्कि कानूनी सहायता लें और उपलब्ध सरकारी सेवाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने आगे शासन की महिलाओं और बच्चों के हित में संचालित योजनाओं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, स्पॉन्सरशिप योजना तथा वन स्टॉप सेंटर के उद्देश्य, लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सके।
जागरूक नारी ही सशक्त समाज की नींव — हेल्पलाइन जानकारी से बढ़ा आत्मविश्वास
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कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर 1090 (महिला हेल्पलाइन), 181 (महिला सहायता), 112 (आपातकालीन सेवा) और 1098 (बाल हेल्पलाइन) के उपयोग और महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। मीनाक्षी ने जागरूकता फैलाने की अपील करते हुए कहा कि एक जागरूक महिला पूरा परिवार और समाज बदलने की क्षमता रखती है।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी केंद्र से अभिलाषा, अंजना, पूनम समेत क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दौरान सवाल पूछकर अपनी शंकाएं भी दूर कीं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में आत्मविश्वास, आत्मरक्षा, कानूनी अधिकारों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा, ताकि वे किसी भी प्रतिकूल परिस्थितियों का डटकर सामना कर सकें और अपनी तथा दूसरों की आवाज बन सकें।
