नई दिल्ली (शिखर समाचार)। रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड ने जल संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम के माध्यम से बोर्ड ने व्यापक जनजागरूकता फैलाने के साथ-साथ ठोस आधारभूत संरचना विकास को भी जोड़ा।
जागरूकता कार्यक्रम और छात्रों की भागीदारी
बोर्ड ने तेजी से घटते भूजल स्तर और बढ़ती जल मांग को ध्यान में रखते हुए कैंटोनमेंट क्षेत्र के 20 से अधिक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताएं, जल संरक्षण की शपथ, रैलियां और संवादात्मक सत्र शामिल थे, जिनमें 2000 से अधिक छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की। समुदाय स्तर पर भी वार्डों में नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए, जिससे आम नागरिकों तक जल संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचा।
बोर्ड ने सतत जल प्रबंधन के लिए 60 किलोमीटर से अधिक सड़कों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की। इसके अलावा 8 पार्कों में स्प्रिंकलर और 5 पार्कों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली लागू की गई। 85 से अधिक वर्षा जल संचयन गड्ढों का पुनर्जीवन और सुधार किया गया, जिससे भूजल पुनर्भरण बढ़ा, जल बर्बादी कम हुई और जलभराव की समस्या नियंत्रित हुई।
जल विशेषज्ञ का प्रेरक संबोधन
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प्रसिद्ध जल संरक्षण विशेषज्ञ उमा शंकर पांडे ने कार्यक्रम में 1000 से अधिक छात्रों और शिक्षकों को जल संरक्षण के महत्व, सामुदायिक सहभागिता और व्यवहार परिवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र के अनुभव साझा करते हुए बताया कि पारंपरिक जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और सामुदायिक प्रयासों से जल संकट का समाधान संभव है। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉबिन बलेजा और संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुभम सिंगला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। अधिकारियों के परिवारजनों और बच्चों की भागीदारी से यह संदेश भी गया कि पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी बचपन से शुरू होनी चाहिए।
दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को नवाचार, स्वच्छता, डिजिटल प्रशासन और जनसेवा के क्षेत्र में कई रक्षा मंत्री पुरस्कार मिल चुके हैं। जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम ने यह साबित किया है कि जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और ठोस प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
