तुलसी दिवस और अटल जयंती पर अनुज गोयल विधि महाविद्यालय में संस्कार, पर्यावरण और राष्ट्रभाव का संदेश

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Message of values, environment and patriotism in Anuj Goyal Law College on Tulsi Day and Atal Jayanti IMAGE CREDIT TO महाविद्यालय

मोदीनगर (शिखर समाचार)। ग्राम भोजपुर स्थित अनुज गोयल विधि महाविद्यालय परिसर में तुलसी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम ने भारतीय सांस्कृतिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय मूल्यों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य किया। आयोजन का शुभारंभ महाविद्यालय की निदेशक डॉ. पूनम गोयल द्वारा तुलसी पौधे का विधिवत पूजन कर किया गया। उन्होंने तुलसी पौधे पर तिलक लगाया, चुनरी अर्पित की और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

तुलसी केवल आस्था नहीं, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की सशक्त धुरी: डॉ. पूनम गोयल

अपने उद्बोधन में डॉ. पूनम गोयल ने तुलसी के धार्मिक, सांस्कृतिक और औषधीय महत्व पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि तुलसी भारतीय परंपरा में केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का भी महत्वपूर्ण आधार है। वर्तमान समय में जब पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ रही हैं, तब ऐसे आयोजनों के माध्यम से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल चर्चा तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आचरण और जीवनशैली में उसे अपनाएं।

इसी अवसर पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती भी श्रद्धा के साथ मनाई गई। वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति को विचार, संवाद और नैतिक मूल्यों से समृद्ध किया। उनकी दूरदर्शी सोच, सुशासन की अवधारणा और लोकतंत्र को सशक्त करने की प्रतिबद्धता आज भी मार्गदर्शन का कार्य कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है और उनके आदर्शों को आत्मसात कर ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है।

श्रद्धा, अनुशासन और पर्यावरण चेतना से ओतप्रोत रहा पूरा आयोजन

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/end-of-mp-sports-festival-in-presence-of-mp/

कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण अनुशासन, श्रद्धा और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा। उपस्थितजनों ने इस आयोजन को भारतीय संस्कृति से जुड़ाव, पर्यावरण चेतना और राष्ट्रीय भावना को सुदृढ़ करने वाला सराहनीय प्रयास बताया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के विधिक परामर्शदाता डॉ. जुगेश असपाल, पंजीयक दर्शनवीर शर्मा, डॉ. विनीत सिंघल, डॉ. पंकज, डॉ. मधु, डॉ. शालिनी गुप्ता, प्रेमा, शिवांगी गुप्ता, पूजा सहित शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजन ने सभी को संस्कृति, प्रकृति और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराया।

Share This Article
Leave a comment