नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार) नगर में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या अब लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गई है। कुत्तों द्वारा राहगीरों पर हमले और काटने की बढ़ती घटनाओं ने लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर दिया है। हालात ये हैं कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर दिन करीब 70 तक कुत्तों के काटने के मरीज पहुंच रहे हैं, जिससे समस्या की गंभीरता साफ झलकती है। नगर पालिका पर भी इस बढ़ती समस्या पर लगाम लगाने में नाकामी के आरोप लग रहे हैं।
गलियों में बढ़ते खतरों का साया: आवारा कुत्तों से दहशत में शहर
काफी समय से नगर की गलियों, मोहल्लों और बाजारों में आवारा कुत्तों के समूह दिनभर घूमते देखे जा सकते हैं। इन कुत्तों का झुंड बनाकर खड़ा रहना और राहगीरों पर अचानक हमला कर देना आम बात हो गई है। लगातार हो रही इन घटनाओं से नागरिकों में दहशत का माहौल है और लोगों का सड़कों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई बार तो राहगीरों को घायल कर देने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय और नाराजगी दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
नागरिक अश्वनी वाल्मीकि, मनोज कुमार, सुमित अग्रवाल, सुरेश चौधरी, गोरव कुमार सहित कई लोगों ने बताया कि कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग गलियों से गुजरने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका समस्या को लेकर सिर्फ आश्वासन देती है, लेकिन धरातल पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।
हर रोज़ बढ़ रहे डॉग-बाइट केस: स्वास्थ्य केंद्र में उमड़ रही पीड़ितों की भीड़, शहर में दहशत गहराई
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/murder-of-a-mason-over-250-rupees/
लोगों का यह भी कहना है कि नगर पालिका को तुरंत अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़कर नगर से बाहर सुरक्षित स्थान या जंगलों में छोड़ा जाना चाहिए, ताकि नागरिक बेखौफ होकर आना-जाना कर सकें।
उधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विशाल दिवाकर ने जानकारी दी कि प्रतिदिन 65 से 70 मरीज कुत्तों के काटने के मामले में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। सभी को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय है। नगर में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक और प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर लोगों में रोष है। नागरिकों ने जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
