विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, जातीय भेद भूल एकजुटता का आह्वान

Rashtriya Shikhar
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Massive Crowd Gathers at Virat Hindu Conference, Call for Unity Overlooking Caste Differences IMAGE CREDIT TO REPORTER

नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार)
नगर क्षेत्र में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रहित को लेकर व्यापक विमर्श हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग, महिलाएं, युवा और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। वक्ताओं ने जाति-पांति के भेदभाव को त्याग कर एक मंच पर संगठित रहने का संदेश दिया।

सैकड़ों वर्षों की प्रेरणा और समाज सेवा का संदेश—हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय एकता का आह्वान

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रविवार को हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति (गोविंद बस्ती एवं आजाद बस्ती) के तत्वावधान में हिंदू इंटर कॉलेज के विशाल मैदान में सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नीलकमल गोयल ने की जबकि संचालन प्रमोद कुमार ने किया। मुख्य अतिथि प्रांत सह शिक्षा बौद्धिक सुनील कुमार ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्षों के प्रेरक सफर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विश्व का ऐसा संगठन है जिसने निरंतर समाज निर्माण और राष्ट्र सेवा के पथ पर सफलता पूर्वक यात्रा की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान आज विश्व स्तर पर स्थापित है और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हिंदू समाज को जातीय विभाजन से ऊपर उठकर संगठित होना समय की आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि नरोत्तम गिरी महाराज ने कहा कि सनातन समाज के लोग धीरे धीरे अपनी परंपरागत संस्कृति से दूर होकर पाश्चात्य जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके कारण नई पीढ़ी भारतीय मूल्यों से कटती जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को हिंदू संस्कृति और परंपराओं की शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है। जब बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़ेंगे तो उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः विकसित होगी और युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण में सशक्त भूमिका निभाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंदू समाज किसी को उकसाता नहीं, लेकिन यदि कोई उसे चुनौती देता है तो वह मजबूती से उसका सामना करना जानता है। उन्होंने समाज से जातिगत भेदभाव त्याग कर एकजुट और संगठित रहने का आह्वान किया।

वक्ताओं और सक्रिय सहभागियों ने हिंदू समाज की एकता को किया मजबूती से सशक्त

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इस अवसर पर संघ के विभाग प्रचारक क्रांति कुमार, उमेश चंद शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और हिंदू समाज की एकता को मजबूत करने पर बल दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामौतार विश्नोई, विपिन विश्नोई, धर्मेंद्र राठी, रामकुमार, डा. संजय शर्मा, निर्मल कुमार, सूरज कुमार, विशाल गुप्ता, सचिन रुहेला, विकास अग्रवाल, महेंद्र सिंह सैनी, सिम्मी पाल, मनोज वाल्मीकि, मुकेश चौहान, अनिल राणा सहित अनेक लोगों का सक्रिय सहयोग रहा।

सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े अनूप वाल्मीकि, कृष्ण बलदेव सिंह, संजय मुकेश चौहान, संदीप राठौर, सौरभ मित्तल, नीरज बिश्रोई, राजकुमार बिश्नोई, सचिन शर्मा, प्रमोद चौहान, रजनी जोहार, डॉक्टर मंजू चौहान सहित बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता, महिलाएं और समाज के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

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