नई दिल्ली (शिखर समाचार)। ओम बिरला ने अपने सरकारी आवास पर डिजिटल माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी कर राष्ट्रीय जनगणना 2027 के प्रथम चरण में सक्रिय भागीदारी दर्ज की। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों से भी इस ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
जनगणना: विकास की आधारशिला
ओम बिरला ने कहा कि जनगणना किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है। यह केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्राप्त आंकड़े देश की नीतियों, योजनाओं और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है, जो देश की तकनीकी प्रगति और आधुनिक सोच का प्रतीक है।
डिजिटल स्व-गणना से बढ़ेगी पारदर्शिता
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उन्होंने बताया कि स्व-गणना प्रणाली के माध्यम से अब नागरिक स्वयं अपने घर और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे न केवल प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक बनी है, बल्कि आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पारदर्शिता को बढ़ावा देगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचाने में मददगार सिद्ध होगी।
डेटा प्रबंधन होगा मजबूत
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इस दौरान मृत्युंजय कुमार नारायण भी उपस्थित रहे और उन्होंने स्व-गणना प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया। उन्होंने इस पहल को समय की मांग बताते हुए कहा कि इससे देश में आंकड़ा संग्रहण और प्रबंधन की प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। ओम बिरला ने ‘जनगणना से जनकल्याण’ के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े ही प्रभावी शासन की नींव होते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि देश के समग्र विकास में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल जनगणना की यह पहल भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करेगी, जिससे एक मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
