रबूपुरा/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। नगला हुकमसिंह गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला भवन ढहने की भयावह घटना के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी महावीर, उसकी पत्नी राजबाला और बेटा गौरव की खोज में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। गुरुवार देर शाम तक कई स्थानों दिल्ली सहित विभिन्न जिलों में दबिश देने के बावजूद पुलिस हाथ खाली लौटी।
हादसे के मलबे पर भीड़ नियंत्रण—पुलिस ने गैलरी के प्रवेश द्वार सील कर सुरक्षा बढ़ाई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटनास्थल से भागे आरोपियों के अलग अलग जगहों पर छिपे होने की आशंका के चलते टीमें लगातार सक्रिय हैं। वहीं, हादसे वाले मलबे को देखने के लिए आज भी ग्रामीणों की भीड़ उमड़ती रही। भीड़ नियंत्रण के मद्देनजर पुलिस ने गैलरी के दोनों प्रवेश द्वारों पर ताला लगा दिया ताकि लोग क्षतिग्रस्त ढांचे तक न पहुंच सकें और किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
गौरतलब है कि महावीर सिंह के अधूरे भवन में बुधवार को लेंटर की शटरिंग हटाते समय पूरा ढांचा अचानक ढह गया था। मौके पर काम कर रहे 12 से ज्यादा मजदूर मलबे में फंस गए थे। इस दर्दनाक हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई घायलों का इलाज चल रहा है। घटना के बाद भवन मालिक महावीर, राजबाला और गौरव फरार हो गए, जबकि जेवर क्षेत्र के ठेकेदार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
विधायक का मुख्यमंत्री को पत्र, मृतकों और घायलों को आर्थिक सहायता की मांग
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दुर्घटना के बाद जेवर विधायक ठाकुर धीरेन्द्र सिंह गुरुवार को पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाते हुए दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर चारों मृतकों के आश्रितों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा गंभीर रूप से घायल श्रमिकों का मुफ्त उपचार कराने का अनुरोध किया है। विधायक का कहना है कि हादसा अत्यंत दुखद है और पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत मिलनी चाहिए।
