हापुड़ (शिखर समाचार) नगर कोतवाली पुलिस ने मानवीय संवेदना और सतर्कता का परिचय देते हुए चार दिन पूर्व अपहृत तीन वर्षीय मासूम बच्चे को गाजियाबाद जनपद के लोनी क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। इस सनसनीखेज मामले में एक महिला सहित दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपियों की मंशा मासूम को बेचने की थी, लेकिन समय रहते पुलिस की सक्रियता से यह साजिश नाकाम हो गई।
बुलंदशहर रोड पर बच्चों के अपहरण की घटना: छोटे हारुन के गुम होने से मची हलचल
पुलिस के अनुसार कासगंज जनपद की रहने वाली हसीना लंबे समय से हापुड़ के बुलंदशहर रोड स्थित झुग्गी झोपड़ी में रहकर अपने दोनों बेटों के साथ जीवन यापन कर रही थी। उसका बड़ा बेटा मोहब्बत और तीन वर्षीय छोटा बेटा हारुन तहसील चौराहे के आसपास भीख मांगते थे। बीते शुक्रवार की शाम दोनों बच्चे तहसील क्षेत्र में मौजूद थे, तभी एक युवक और युवती मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे और चिप्स दिलाने के बहाने दोनों बच्चों को अपने साथ बैठा लिया। कुछ दूरी तक घुमाने के बाद आरोपियों ने मोहब्बत को वापस तहसील चौराहे पर उतार दिया, जबकि हारुन को अपने साथ ले गए।
बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। आसपास लगे निगरानी कैमरों की सहायता से संदिग्धों की पहचान की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि अपहरणकर्ता बच्चे को बेचने के उद्देश्य से उसे गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार के घर भेज चुके थे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए हापुड़ के न्यू भीमनगर क्षेत्र से हाफिजपुर थाना क्षेत्र के सिहानी बड़ौदा निवासी शिवा और बीबीनगर निवासी बरखा को दिल्ली रोड के पास नाले के समीप से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर मासूम बच्चे को लोनी से सकुशल बरामद कर लिया गया।
परिवारिक दुख और मानसिक दबाव ने बरखा को मासूम अपहरण की साजिश की ओर मोड़ा
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जांच में सामने आया कि आरोपी बरखा के परिवार में हाल के वर्षों में कई दुखद घटनाएं हुई थीं। उसके छोटे भाई अभिषेक की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी थी, जबकि बड़े भाई राजा के इकलौते बेटे की भी एक हादसे में जान चली गई थी। इसके बाद राजा की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई, जिससे परिवार में वंश चलाने को लेकर चिंता बनी हुई थी। इसी मानसिक दबाव में बरखा और उसके मृतक भाई के साले शिवा ने मासूम बच्चे के अपहरण की साजिश रच डाली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपहरण के बाद मासूम को एक रात न्यू भीमनगर स्थित घर में रखा गया, लेकिन माता-पिता से बिछड़ने के कारण बच्चा पूरी रात रोता रहा। आसपास के लोगों को शक न हो, इसलिए आरोपियों ने बच्चे को लोनी भेज दिया। हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बच्चा सुरक्षित बरामद हो गया और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
