राष्ट्रीय जल मिशन के तहत जल संरक्षण को गति देने की पहल, गौतमबुद्धनगर में भूजल रिचार्ज कार्यों की व्यापक समीक्षा

Rashtriya Shikhar
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Initiative to accelerate water conservation under National Water Mission, comprehensive review of groundwater recharge works in Gautam Budh Nagar IMAGE CREDIT TO INFORMATION DEPARTMENT

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
जनपद में तेजी से गिरते भूजल स्तर पर अंकुश लगाने और जल संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, भूजल रिचार्ज कार्यों तथा वर्षा जल से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

केंद्रीय भूजल बोर्ड का तकनीकी मार्गदर्शन: सही डिजाइन और तकनीक से वर्षा जल संचयन से भूजल स्तर सुधारा जा सकता है

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बैठक के दौरान केंद्रीय भूजल बोर्ड के वैज्ञानिक राहुल कुमार ने उपस्थित अधिकारियों को तकनीकी दृष्टि से विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि किसी भी क्षेत्र में रिचार्ज संरचना का चयन वहां की भौगोलिक बनावट, मिट्टी की प्रकृति तथा मौजूदा भूजल स्तर को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सही तकनीक और उपयुक्त डिजाइन के साथ रिचार्ज स्ट्रक्चर तैयार किए जाएं तो वर्षा जल को संरक्षित कर भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

राहुल कुमार ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग के महत्व पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में भवनों की छतों से बहने वाले वर्षा जल को संग्रहित कर रिचार्ज पिट, सोख्ता गड्ढों और परकोलेशन टैंकों के माध्यम से धरती के भीतर पहुंचाया जा सकता है। इससे न केवल जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में पेयजल और सिंचाई की आवश्यकताओं को भी काफी हद तक पूरा किया जा सकेगा।

बिसरख में गिरते भूजल स्तर पर चिंता, समर्पित रिचार्ज प्लान और वर्षा जल संचयन पर जोर

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बैठक में जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में भूजल स्तर की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से बिसरख ब्लॉक का उल्लेख किया गया, जहां भूजल स्तर अत्यधिक नीचे जा चुका है। इस क्षेत्र के लिए एक अलग और समर्पित भूजल रिचार्ज प्लान तैयार करने पर सहमति बनी। इसमें बड़े पैमाने पर रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन तथा वर्षा जल संचयन को अनिवार्य रूप से लागू करने जैसे उपायों पर जोर दिया गया।

जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश ने बैठक में कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें आम जनता की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें और राष्ट्रीय जल मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में भूजल संतुलन बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों ने साझा किए प्रस्तावित जल संरक्षण कार्य, सभी विभागों ने इसे प्राथमिकता देने पर जताई सहमति

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बैठक में नोएडा प्राधिकरण के सहायक अभियंता, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, सहायक निदेशक केंद्रीय जल आयोग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रस्तावित कार्यों की जानकारी साझा की और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की।

अंत में यह निर्णय लिया गया कि जनपद के सभी ब्लॉकों में चरणबद्ध तरीके से भूजल रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, साथ ही स्कूलों, सरकारी भवनों और औद्योगिक परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इस तरह राष्ट्रीय जल मिशन के उद्देश्यों को धरातल पर उतारते हुए गौतमबुद्धनगर को जल संकट से उबारने की दिशा में ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया गया।

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