गाजियाबाद (शिखर समाचार) |
इन्द्रप्रस्थ लोनी क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने प्रवर्तन जोन-08 टीम के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। उ.प्र. नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए एन.पी.-1 इन्द्रप्रस्थ योजना स्थित अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जा रहा था तभी भूमि स्वामी रामेश्वर दयाल और उनके पुत्र दीप कुमार ने जेसीबी के सामने खड़े होकर हंगामा किया तथा ईंट उठाकर हमला करने का प्रयास किया। इस अवैध बाधा के कारण ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी। दोनों के विरुद्ध थाना टीला मोड़ में अवर अभियन्ता सचिन अग्रवाल द्वारा तहरीर दी गई है।

प्राधिकरण की मीडिया प्रभारी रूद्रेश कुमार शुक्ला ने बताया कि जांच में सामने आया कि एन.पी.-1 इन्द्रप्रस्थ योजना में भवन स्वामी ने फर्जी हस्ताक्षर कर मानचित्र स्वीकृत कराया और महज़ 65 दिनों में पांच मंजिला भवन खड़ा कर दिया। सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी के साथ इतनी तेज़ गति से किया गया निर्माण भवन की स्थिरता के लिए अत्यंत खतरनाक है। इसलिए आमजन को चेतावनी दी जाती है कि उक्त भवन में बनी दुकानों अथवा फ्लैटों की खरीद-फरोख्त से पूरी तरह बचें। प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी भवन को खरीदने से पहले उसका स्वीकृत मानचित्र अवश्य जांच लें।
इसी अभियान के दौरान इन्द्रप्रस्थ योजना के भवन संख्या डी-237 में अवैध रूप से बनाई गई दुकानों के शटर तोड़े गए। वहीं, खसरा संख्या 244, खानपुर जप्ती, लोनी (गाजियाबाद) में पूर्व में निर्मित अवैध कालोनी को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के समय कुछ स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किया गया, लेकिन प्राधिकरण पुलिस बल और थाना शालीमार गार्डन पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित कर ध्वस्तीकरण जारी रखा गया। पूरा अभियान अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता, अवर अभियन्ता, सभी सुपरवाइज़र, प्राधिकरण पुलिस बल तथा थाना शालीमार गार्डन पुलिस टीम की उपस्थिति में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
