गढ़मुक्तेश्वर (शिखर समाचार) गढ़मुक्तेश्वर टोल हटाने, लठीरा तिगरी मार्ग पर गंगा नदी पर पुल निर्माण तथा मेला मार्ग से होकर नया बाईपास गढ़ स्याना चौराहे तक निकाले जाने की मांग को लेकर गढ़ तहसील प्रांगण में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना लगातार व्यापक रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर विभिन्न सामाजिक, महिला, व्यापारी, अधिवक्ता और जनसंगठनों ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया और मांगों को जनहित से जुड़ा बताया।
एकजुट जनआंदोलन: टोल, पुल और बाईपास को लेकर महिलाओं ने भरी हुंकार
धरने में गढ़मुक्तेश्वर की दोनों बार संगठनों ने सामूहिक रूप से भाग लेते हुए आंदोलन के समर्थन की घोषणा की। महिला संगठनों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर टोल हटाने, लठीरा तिगरी पर पुल निर्माण और नया बाईपास मेला मार्ग से गढ़ स्याना चौराहे तक निकाले जाने की मांग को मजबूती से उठाया। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यदि टोल की समय सीमा बढ़ाने या टोल के समीप से नया बाईपास बनाने का प्रयास किया गया तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन को और तेज करेंगी।
समाजसेवी पंकज लोधी ने गढ़ बृजघाट टोल हटाने, बृजघाट बाईपास को स्याना चौराहे से जोड़ने और लठीरा क्षेत्र में गंगा नदी पर पुल निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह मांगें केवल गढ़ क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे इलाके की जनता की सुविधा से जुड़ी हैं। विश्व हिंदू राष्ट्र सेना के युवा प्रदेश अध्यक्ष मोंटी चौधरी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर जनता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह आंदोलन जनहित में अंतिम परिणाम तक जारी रहेगा।
जनहित की लड़ाई में बार की हुंकार: अधिवक्ताओं ने आंदोलन को दिया बल
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/severe-cold-snow-bomb-warning-in-britain/
गढ़ बार संगठन के अध्यक्ष राम रतन सिंह ने अधिवक्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर सभी मांगों को जायज ठहराया और घोषणा की कि संपूर्ण बार जनता के हित में इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल धरने में बैठे लोगों का नहीं, बल्कि क्षेत्र की समस्त जनता के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
रेवती देवी स्वास्थ्य फाउंडेशन की महिला जिला अध्यक्ष मोनिका ठाकुर ने कहा कि किसी भी स्थिति में टोल के पास से नया बाईपास नहीं बनने दिया जाएगा। यदि नए पुल के नाम पर टोल की अवधि बढ़ाई गई तो समस्त महिला संगठन एकजुट होकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगा। व्यापारी सोनू उर्फ दिनेश गर्ग ने कहा कि वर्षों से जनता टोल के रूप में कर अदा कर रही है, अब इस टोल का हटाया जाना पूरी तरह न्यायसंगत है। खड़कवंशी समाज के जय सिंह राणा ने कहा कि लठीरा तिगरी पर पुल कम लागत में बनाया जा सकता है और यह आम जनता के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। धरने में विश्व हिंदू राष्ट्र सेना, काशी ब्राह्मण महासभा, मानवाधिकार कानून भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बार एसोसिएशन, रेवती देवी स्वास्थ्य फाउंडेशन, खड़कवंशी समाज सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, महिलाएं और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना निरंतर जारी रहेगा।
