आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने वसुंधरा योजना में भू माफियाओं और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले बिल्डरों के खिलाफ आर-पार की जंग छेड़ दी है। परिषद की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने और स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए टीम ने भारी पुलिस बल के साथ ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
नक्शा पास कहीं का, निर्माण कहीं और
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वसुंधरा योजना के भवन संख्या 11/267, 11/368, 11/423 और 12/900 में बिल्डर लॉबी द्वारा परिषद के नियमों को दरकिनार कर निर्माण किया जा रहा था। बिल्डरों ने न केवल ‘सेटबैक’ (खुली जगह) को अवैध रूप से कवर कर लिया था, बल्कि स्टिल्ट फ्लोर, जो पार्किंग के लिए आरक्षित होता है, उसमें भी अवैध फ्लैट और दुकानें खड़ी कर दी थीं। आवास विकास का प्रवर्तन दल लगातार इसे रोकने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस बल के अभाव का फायदा उठाकर निर्माण कार्य जारी था। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल ने बताया कि परिषद की योजनाओं में अनुशासनहीनता और अवैध निर्माण के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि बिल्डरों ने नियमों को ताक पर रखकर जो दुस्साहस किया था, उस पर यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। उनके निर्देश पर टीम ने पुलिस बल के साथ तालमेल बिठाकर ‘क्लीन अप ऑपरेशन’ को अंजाम दिया।
विरोध के बावजूद कार्रवाई जारी
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जैसे ही पुलिस बल उपलब्ध हुआ, अधिशासी अभियंता निखिल माहेश्वरी के नेतृत्व में ‘टीम निर्माण खण्ड 1’ ने कार्रवाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद बिल्डर लॉबी ने विरोध और हंगामा किया, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं रोकी। टीम में सहायक अभियंता बी.के. चाहर, फैज अवादिन तथा जूनियर अभियंता प्रवीण, शुभम शिवहरे और प्रभाकर झा शामिल रहे।
तीन भवन ध्वस्त, एक में सीलिंग
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कार्रवाई के दौरान तीन प्रमुख भवनों में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि भवन संख्या 12/900 में बनाई जा रही दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
आगे और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वसुंधरा जैसी सुव्यवस्थित योजना में किसी भी प्रकार का अनाधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में फिर से निर्माण की कोशिश होने पर और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
