मेरठ में नमो भारत आरआरटीएस और मेट्रो का ऐतिहासिक शुभारंभ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को किया समर्पित

Rashtriya Shikhar
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Historic inauguration of Namo Bharat RRTS and Metro in Meerut; Narendra Modi dedicated the project to the nation. IMAGE CREDIT TO एनसीआरटीसी

मेरठ (शिखर समाचार)

नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मेरठ में भारत की पहली नमो भारत क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (आरआरटीएस) और मेरठ मेट्रो के नए खंड का उद्घाटन कर दिल्ली मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश समेत पूरा देश विश्व स्तरीय अवसंरचना के एक नए युग का साक्षी बन रहा है। उन्होंने इसे ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ और ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

एकीकृत नमो भारत–मेट्रो मॉडल से बदलेगा सफर

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प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली के इस एकीकृत मॉडल से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लाखों लोगों का जीवन और अधिक सरल, सुगम और सुविधाजनक हो जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि देश में पहली बार नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही स्टेशन और एक ही ट्रैक पर संचालित होंगी। इससे यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म से शहर के भीतर यात्रा करने और उसी स्टेशन से सीधे दिल्ली आने-जाने की सुविधा प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की कार्य संस्कृति यह है कि जिस परियोजना का शिलान्यास किया जाता है, उसे पूरा करने के लिए दिन-रात काम किया जाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि नमो भारत और मेट्रो सेवा दोनों की नींव रखने का अवसर भी उन्हें ही मिला था और आज उनके उद्घाटन का सौभाग्य भी उन्हें ही प्राप्त हुआ है।

मेट्रो विस्तार, कनेक्टिविटी और अवसंरचना पर जोर

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प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में मेट्रो सेवा केवल पाँच शहरों तक सीमित थी, जबकि आज 25 से अधिक शहरों में मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन चुका है।

दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर की विशेषता बताते हुए उन्होंने बताया कि सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ में भारतीय रेल, मेट्रो और बस अड्डों का एकीकरण किया गया है, जिससे यात्रियों को निर्बाध संपर्क सुविधा प्राप्त होगी।

अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने मेरठ मेट्रो में यात्रा भी की और छात्रों व अन्य यात्रियों से संवाद किया। उन्होंने इस परियोजना को ‘नारी शक्ति’ का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें बड़ी संख्या में महिला ट्रेन संचालक और स्टेशन नियंत्रण कर्मी कार्यरत हैं।

रोजगार, एमएसएमई और किसानों पर विशेष फोकस

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अवसंरचना विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे, समर्पित माल ढुलाई गलियारे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी परियोजनाएं व्यापक रोजगार सृजन का आधार बन रही हैं। इनसे नए उद्योग और निवेश आकर्षित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ रहे हैं।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष कोष का प्रावधान किया गया है, जिससे इकाइयों को ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि कूरियर के माध्यम से निर्यात की सीमा समाप्त होने से मेरठ और उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमी अब सीधे अमेरिका और यूरोप के ग्राहकों तक अपने उत्पाद पहुंचा सकेंगे।

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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ–हापुड़ क्षेत्र ने उनकी दूरदृष्टि को निकट से देखा है और उनकी सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। किसानों के हित में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगों और अपराध की छवि से बाहर निकलकर विनिर्माण, रक्षा उत्पादन, मोबाइल निर्माण और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और औद्योगिक विकास के साथ उत्तर प्रदेश तेजी से एक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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